रायपुर। इंसानों की जरूरत के हिसाब से नई-नई तकनीक का आविष्कार हो रहा है। आविष्कार में इंजीनियरिंग और आइटी के छात्रों का बड़ा योगदान है। ट्रिपल आइटी के डीएसआइ बैच के छात्र कोमल कृष्णा पाणिग्राही ने एक रोबोट बनाया है, जो बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए मददगार होगा। उन्होंने इसका नाम आडिनो कंट्रोल्ड रोबोट दिया है। यह बड़े रोबोट का छोटा रूप है।

घर को छोटे-छोटे काम भी कर दिखाएगा

रोबोट को बुजुर्गों और दिव्यांगों की जरूरतों के हिसाब से डिजाइन किया गया है। यह घर के छोटे-मोटे काम करेगा। कमांड देने पर वस्तुओं को उठाकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर रखेगा। यह घर और ऑफिस दोनों जगह काम करने में सक्षम है। कोमल ने बताया कि यह रोबोट मैनुअल श्रम को कम करने के साथ समय बचाएगा।

यह उनके लिए है जो चलने-फिरने में असमर्थ हैं। काम ज्यादा और कर्मचारी कम हैं, वहां के लिए भी उपयोगी है। बुजुर्ग या दिव्यांग एक जगह बैठकर रोबोट से सारे काम करा सकते हैं। इस मॉडल को बनाने में 340 रुपये खर्च हुए। कोमल का कहना है कि इस मॉडल को विस्तार देने से कई काम आसान हो सकते हैं।

ऐसे करता है काम

रोबोट का मॉडल जेसीबी और पोकलैंड की तरह काम करता है। इसमें तीन स्वीच और एक हाइड्रोलिक बकेट है। तीनों स्वीच का अलग-अलग कार्य है। एक स्वीच राइट लेफ्ट करने के लिए, दूसरा ऊपर-नीचे करने के लिए और तीसरा स्वीच वस्तु को पकड़ने के लिए है। एक स्थान पर बैठकर इंसान इन तीन स्वीच के माध्यम से रोबोट से अपना काम करा सकता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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