रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। टीवी पर कोई सीरियल या फिल्म चल रही है तो लोगों की भावना उसी के मुताबिक पल-पल में बदलने लगती है। कभी हंसते हैं तो कभी आंखों में आंसू आ जाते हैं। खलनायक का किरदार निभाने वालों को कई बार बुरा-भला भी कह देते हैं। जबकि, लोग यह जान रहे होते हैं कि टीवी पर जो कुछ दिख रहा है वह झूठ है। नाटक है। पल-पल में भावना में परिवर्तन अच्छी बात नहीं है क्योंकि इससे अशुभ कर्मों का बंधन होता है। विवेकानंद नगर स्थित श्री ज्ञान वल्लभ उपाश्रय में चल रहे चातुर्मासिक प्रवचन में साध्वी शुभंकरा उपरोक्त विचार व्यक्त किए। साध्वी सुभद्रा ने कहा कि संसार में ज्यादातर लोग एक-दूसरे से स्वार्थ साधते हैं। केवल ज्ञानी ही इस संसार से सार निकाल पाते हैं। ऐसे पुत्रों का क्या मतलब जो मां-बाप से भी स्वार्थ का रिश्ता रखते हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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