रायपुर। छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में 82 लाख रुपये के गबन को लेकर नगरीय प्रशासन संचालक ने 67 अधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस जारी किया है। संचालक ने दो नगर निगम जगदलपुर और अंबिकापुर सहित 16 निकायों से सात दिन में जवाब मांग है। इस गड़बड़ी का राजफाश राज्य संपरीक्षा विभाग के आडिट में हुआ है। यह रिपोर्ट जून में विभाग को सौंपी गई थी, जिस पर संचालक ने एक दिसंबर को नोटिस जारी किया है।

नगरीय निकाय के अधिकारियों ने बताया कि कई नगर पालिका और नगर पंचायत में अधिकारियों ने दस साल पहले राशि का गबन किया था, जिनसे अब तक कोई वसूली नहीं हुई। कुछ अधिकारी तो सेवानिवृत्त भी हो गए हैं।

नगरीय निकाय संचालक के नोटिस के अनुसार जगदलपुर नगर निगम में 2014-15 के दौरान आयुक्त रहे रमेश जायसवाल, राजस्व अधिकारी विनय श्रीवास्तव, सहायक राजस्व निरीक्षक चंदन प्रजापति और कैशियर अनिल पिल्ले ने 16 लाख 10 हजार 262 और एक लाख 22 हजार 742 रुपये का गबन किया है। अंबिकापुर नगर निगम में 2010-11 के दौरान आयुक्त रहे राकेश जायसवाल, रमेश सिंह और लेखापाल अच्छेलाल साहू के नाम से एक लाख 44 हजार 47 रुपये का गबन दर्ज है। गबन की सबसे बड़ी राशि श्याम रतन जायसवाल के नाम है। जायसवाल 2008-09 से 2010-11 तक जरही के मुख्य नगर पालिका अधिकारी थे। इन पर आरोप है कि उन्होंने दो मदों में 23 लाख 24 हजार 249 और एक लाख 50 हजार 100 रुपये का गबन किया है।

इन निकायों में पकड़ी गई गड़बड़ी

खैरागढ़, छुरिया, जशपुर, खरसिया, मल्हार, मुंगेली, बैकुंठपुर, कोंडागांव, भानुप्रतापपुर, चारामा, नारायणपुर, सुकमा और दंतेवाड़ा नगर पालिकाओं व नगर पंचायतों की आडिट में गबन की बात सामने आई है। गबन करनेने वाले निकायों में अधिकारी से लेकर भृत्य तक पर आरोप लगे हैं। कई निकायों में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों गबन किया है। अब उनसे वूसली के लिए निकायों को मशक्कत करनी पड़ रही है। गबन करने वालों ने राजस्व शाखा के सबसे ज्यादा अधिकारी और कर्मचारी हैं।

दस साल की आडिट रिपोर्ट पर जारी हुआ नोटिस

नगरीय निकायों की दस साल की आडिट रिपोर्ट के आधार पर नोटिस जारी किया गया है। इसमें वित्तीय वर्ष 2008-09 से लेकर 2018-19 तक की गड़बड़ी है। नगर पालिका और नगर पंचायत में पदस्थ जिला प्रशासन के अधिकारियों पर भी राशि की वसूली निकली है, जो अब जिलों में वापस लौट गए हैं।

बस्तर और सरगुजा में सबसे ज्यादा गड़बड़ी

निकायों की आडिट आपत्ति सबसे ज्यादा बस्तर और सरगुजा संभाग में मिली है। बस्तर के सात नगरीय निकाय और सरगुजा के चार नगरीय निकाय इसमें शामिल हैं।

Posted By: Vinita Sinha

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