रायपुर। छत्तीगसढ़ में नगरीय निकाय चुनाव की व्यवस्था में बदलाव के बाद अब पंचायत चुनाव में भी बड़ा बदलाव होगा। पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव ने शुक्रवार को मीडिया से चर्चा में कहा कि अब सरपंच का सीधे चुनाव नहीं होगा। ग्राम सभा में चुने गए पंच ही सरपंच का चुनाव करेंगे।

अब महापौर, नगर पालिका, नगर पंचायतों में जिस तरह से अध्यक्षों का निर्वाचन होगा, उसी तरह से सरपंचों का चुनाव होगा। इसके साथ ही सरपंचों को हटाने के लिए राइट टू रिकॉल की व्यवस्था भी खत्म हो जाएगी। प्रदेश की पंचायतों में दर्जनों सरपंचों को हटाने के लिए राइट टू रिकॉल का इस्तेमाल किया गया था। अब पंच बहुमत के आधार पर सरपंच को हटा सकेंगे।

टीएस सिंहदेव ने कहा कि अप्रत्यक्ष प्रणाली से सरपंच चुनाव के लिए अलग अध्यादेश नहीं लाया जाएगा, क्योंकि नोटिफिकेशन पहले से ही जारी हो गया है। आगामी शीतकालीन सत्र में इसे विधानसभा में रखा जाएगा। त्रिस्तरीय पंचायती व्यवस्था जनपद और जिला स्तर पर इसी तरह से चुनाव होता था।

इस बार में थोड़ा संसोधन कर ग्राम पंचायत स्तर तक कर दिया गया है। व्यवस्था में कोई विशेष परिवर्तन नहीं किया जाएगा। अब तक पंचायत चुनाव में एक मतदाता चार वोट डालता है। इसमें एक वोट सरपंच, एक पंच, एक जनपद सदस्य और एक वोट जिला पंचायत सदस्य के लिए होता है।

इनमें से जिला पंचायत सदस्य मिलकर अध्यक्ष का निर्वाचन करते हैं. जनपद में भी यही व्यवस्था है। नई व्यवस्था में अब एक मतदाता तीन वोट डालेगा। इनमें पंच, जनपद सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के लिए वोट डाले जाएंगे।

Posted By: Hemant Upadhyay

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