रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में लोहे की पटरी चोरी कर रेलवे के सुरक्षा विभाग की रातों की नींद हराम करने वाले मास्टर माइंड विनोद मराठा को मंदिर हसौद थाना पुलिस पूछताछ के लिए जबलपुर से रिमांड पर लेकर आई है। पुलिस की पूछताछ में विनोद ने कई अहम खुलासे किए हैं। मास्टर माइंड विनोद पटरी की चोरी की घटना को अंजाम देने के लिए खुद को रेलवे का अधिकारी या फिर ठेकेदार बताकर वारदात को अंजाम देता था।

विनोद मराठा रायपुर, डोंगरगढ़ और भाटापारा समेत पूरे जोन में अब तक करीब 20 से 25 चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। कई मामले अब भी विचाराधीन हैं। मंदिर हसौद पुलिस ने सोमवार को आरोपित को रायपुर न्यायालय में पेश कर दो दिन की पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

आरपीएफ सूत्रों की मानें तो विनोद मराठा बीस साल से रैकेट चला रहा है। विनोद की गैंग में करीब 200 लोग हैं। वह रेलवे का कर्मचारी या फिर ठेकेदार बनकर पहुंचता था। उसके बाद वह पटरी को ट्रक पर क्रेन के जरिए लोड कर फरार हो जाया करता था।

आरोपित चोरी की गई पटरियों को आधे से भी कम दाम में बेचने का काम करता था। उसका रैकेट छत्तीसगढ़ के अलावा मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र तक फैला है। उसकी राज्य के कई बड़े उद्योगपति और कारोबारियों से भी सांठगांठ की बात सामने आ रही है।

विनोद के पिता डोंगरगढ़ स्थित रेलवे में चपरासी का काम करते थे। उसी समय से विनोद रेलवे और भिलाई स्टील प्लांट में छोटी- मोटी चोरी की वारदात को अंजाम दिया करता था। चोरी के जुर्म में वह कई बार जेल जा चुका है। जेल में रहकर वह गैंग बनाकर पटरियां चोरी करने लगा।

फैक्ट्री संचालकों को नागपुर किया तलब

पिछले दिनों बिलासपुर और नागपुर आरपीएफ की टीम ने सिलतरा क्षेत्र से गैंग के सरगना विनोद को पकड़ा था। विनोद ने बिलासपुर जोन सहित देश के अलग-अलग रेल लाइन निर्मांण स्थलों से करोड़ों रुपये की रेल पटरियों को चुराकर छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की इस्पात फैक्ट्रियों में बेचा था।

इस मामले में पुलिस ने फैक्ट्री संचालकों पर भी शिकंजा कसा है। नागपुर आरपीएफ ने चोरी की रेल पटरियां खरीदने वाले दो फैक्ट्री संचालकों को नागपुर तलब किया है। अगर फैक्ट्री संचालक पेश नहीं हुए तो उनकी संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी हो गया है। विनोद ने रायपुर के सिलतरा स्थित हिंदुस्तान क्वाइल और इस्पात इंडिया से चार करोड़ रुपये में सौदा किया था।

इन जगहों में चोरी की

साल 2018 में वाल्टेयर लाइन स्थित रायपुर से महासमुंद तक रेलवे लाइन दोहरीकरण के दौरान 368 नग रेलवे पटरी चोरी करने की घटना मंदिर हसौद में हुई थी। मध्यप्रदेश के सबनापुर और लामता के बीच बिछाई जा रही रेल लाइन से करीब 9 किलोमीटर लंबी 700 पटरियों की चोरी की थी।

चोरी के बाद पटरियों को ट्रक में डालकर रायपुर लाया गया और सिलतरा की दो कंपनियों में खपा दिया गया। नागपुर आरपीएफ ने उरला-सिलतरा स्थित हिंदुस्तान क्वाइल लिमिटेड और इस्पात इंडिया फैक्ट्री में छापे मारे जा चुके हैं। इन फैक्ट्रियों में कई टन रेल पटरी मिली है। उन्हें गलाने की तैयारी थी।

रायपुर मंडल में एक साल में 60-70 चोरी

आरपीएफ के अधिकारी ने बताया कि रेलवे में यदि चोरी की बात करें तो पिछले एक साल में करीब 60-70 चोरी की घटनाएं घटित हुई हैं।

ऐसे देता था चोरी की घटना को अंजाम

विनोद ने पूछताछ में बताया है कि वह कई सालों से ट्रांसपोर्ट का कारोबार कर रहा है। सभी चेक-पोस्ट पर उसकी सेटिंग है, उसके ट्रकों को कहीं रोका नहीं जाता है। इसके साथ ही यदि ज्यादा पूछताछ होती थी तो वह खुद को रेलवे का ठेकेदार या फिर रेलवे का कर्मचारी बता कर डुप्लीकेट कागजात दिखा देता था।

- पटरी चोरी के मास्टर माइंड को प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया है। सोमवार को कोर्ट में पेश कर दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ में उसने कई अहम जानकारी दी है। - नरेश कुमार कांगे, थाना प्रभारी मंदिर हसौद

Posted By: Nai Dunia News Network