रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

पशुओं में टीकाकरण और गणना को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही को अब अनदेखा नहीं किया जाएगा। योजना की सहूलियत व निगरानी के लिए सरकार हर गांवों में वैक्सीनेटर व एक सहायक को जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके लिए उन्हें मानदेय देने के साथ ही विभाग प्रशिक्षित भी करेगा। राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत प्रदेशभर में 15 फरवरी से 31 मार्च तक तीन स्तरीय टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है। कार्यक्रम के तहत चयनित होने वाले वैक्सीनेटर और प्रति पशु सहायकों को सरकार लगभग आठ रुपये प्रति पशु मानदेय देगी। गांवों में वैक्सीनेटर व सहायक का चयन उसी गांव से होगा, जिस गांव में उसकी तैनाती होगी। राज्य पशु चिकित्सा लैंब में कार्यरत अधिकारी की माने तो इसके लिए पांच स्तरीय नोडल बनाया गया है। इससे हर जिले में आ रहे 300 आकांक्षी गांव में टीकाकरण कार्य शुरू किया गया है।

गावं में रोजगार का होगा सृजन

पशुओं में मृत्युदर को कम करने के लिए केंद्र ने राज्यों में संचालित पशु कॉलेजों में छात्रों को रोजगार देने के लिए तीन महीने का प्रशिक्षण देने को कहा है। वरिष्ठ पशुअधिकारियों की माने तो इससे जहां गांव में ही रोजगार का सृजन होगा वहीं पशुओं की देखभाल सही तरीके से की जा सकेगी।

गांव के पशुओं की होगी टैगिंग

गांव में एक सहायक की भी तैनाती होगी, जो गांव के पशुओं की टैगिंग करेगा। इससे पशुओं की गणना होगी। साथ ही साथ यदि कोई पशुओं छोड़ेगा तो भी पता चल जाएगा कि यह किसका पशु है।

प्रशिक्षण में इन्हें किया जाएगा शामिल

-प्राइवेट कृत्रिम गर्भाधान कर्मचारी

-गौसेवक, मैत्री

-शिक्षित युवा

-वेटनरी छात्र

Posted By: Nai Dunia News Network