महासमुंद। महासमुंद जिले के सिरपुर क्षेत्र के तालाझर गांव में बीती रात एक दंतैल हाथी के प्रवेश कर जाने से ग्रामीणों की नींद हराम हो गई। आधी रात बाद आबादी क्षेत्र में विचरण कर रहे हाथी को ग्रामीणों ने मशाल जलाकर और टार्च की रोशनी के सहारे गांव की गलियों से खदेड़ा। जान-माल की सुरक्षा के लिए ग्रामीण रतजगा करने विवश हैं। गांव में रात्रि जागरण कर रहे लोगों ने दंतैल हाथी को जंगल की ओर भगाकर ही दम लिया।

हाथियों के बारंबार गांव में प्रवेश कर जाने से ग्रामीण दहशत में हैं। दो महीने पहले लहंगर गांव में तीन दंतैल प्रवेश करके उत्पात मचाए थे। तब आबादी क्षेत्र में जंगली हाथियों के विचरण से घबराए ग्रामीण छत पर चढ़कर हाथियों के जंगल की ओर लौटने का इंतजार कर रह थे। दो महीने बाद फिर से हाथी के गांव की गलियों में प्रवेश कर जाने से बधो-बड़े सभी दहशत में हैं।

हाथी-मानव द्वंद के बीच हाथी प्रभावित करीब 50 गांवों के किसानों ने हाथी से फसल बचाने एक समिति बनाया है। इस हाथी भगाओ-फसल बचाओ समिति के संयोजक राधेलाल सिन्हा ने बताया कि हाथी आधी रात बाद गांव में प्रवेश कर गलियों में चिंघाड़ रहा था। आवाज सुनकर गांव की टोली घरों से निकलकर मशाल और टार्च की मदद से हाथी को जंगल की ओर भगाने में अहम भूमिका निभाई।

इसके पहले 12 सितंबर को शाम ढलते ही छह बजे तीन दंतैल हाथी उनके गांव लहंगर की गलियों में प्रवेश कर गए थे। गांव में हाथी की धमक की सूचना मिलते ही वन विभाग को सूचित किया गया। गजराज वाहन से मदद की अपील की गई।

जब तक वन विभाग का अमला पहुंचता, हाथी गांव की गलियों में स्वच्छंद विचरण करने लगे। इससे घबराए ग्रामीण अपने-अपने छतों पर चढ़कर हाथी के जंगल की ओर जाने का इंतजार करने लगे थे । अंधेरा होने के साथ ही हाथी पास के जंगल की ओर बढ़े । इस तरह बार-बार गांव में प्रवेश कर रहे हाथी से ग्रामीण खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

Posted By: Hemant Upadhyay