रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कला के माध्यम से भावनाओं को अभिव्यक्त करने के लिए शिल्प वर्षा आर्ट सोसाइटी ने घासीदास संग्रहालय स्थित आर्ट गैलरी में तीन दिवसीय कला प्रदर्शनी का आयोजन किया है। इसमें कलाकारों ने अपनी कलाकृति को प्रदर्शित किया है। वहीं विमल खुटान ने शहर के लोगों को ग्रामीण परिवेश का दर्शन करा दिया। फाइबर आर्ट के माध्यम से विमल ने गांव के बने घर को अपनी कला में उकेरा है। विमल ने फाइबर और मिट्टी से चार घर बनाएं हैं। उसमें पूरी तरह से ग्रामीण परिवेश नजर आ रहा है। विमल की इस कलाकृति शहरवासियों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। वहीं एग्जीबिशन में 50 से अधिक पेंटिंग प्रदर्शित की गई हैं, जिसमें आदिवासी संस्कृति समेत महिलाओं के दर्द और पर्यावरण संरक्षण संबंधित पेंटिंग्स लगाई गई हैं।

जल और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

एग्जीबिशन में लगे पेंटिंग्स में जहां भारत की नियाग्रा आकर्षण का केंद्र नजर आ रही थी तो वहीं कलाकारों ने प्लास्टिक से होने वाले नुकसान को कैनवास से उकेरा। इसमें दिखाया गया कि एक गाय किस तरह से पॉलीथिन व प्लास्टिक का शिकार हो रही है। इसके साथ ही पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से भू जल स्तर गिरते प्रभाव को उकेरा है। आयोजक राजेन्द्र सुंदरिया ने बताया कि एग्जीबिशन में करीब 50 से अधिक कलाकारों ने हिस्सा लिया है। इसमें दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव, बिलासपुर समेत अन्य जिलों से आए कलाकारों ने कलाकृति से अपनी भावनाओं को प्रकट किया।

Posted By: Nai Dunia News Network