रायपुर । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नाथूराम गोडसे से तुलना वाले बयाद पर भाजपा की आपत्ति पर कांग्रेस ने फिर पलटवार किया है। कांग्रेस ने कहा कि भाजपा के नेता पहले यह तो बताएं कि वे गोडसे को बुरा मानते हैं या मोदी जी को बुरा मानते है? कांग्रेस के महामंत्री और मीडिया विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि अगर गोडसे को बुरा मानते हो तो भाजपा के नेता पहले गोडसे मुर्दाबाद के नारे लाएं।

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में शनिवार को पत्रकारवार्ता में त्रिवेदी ने कहा कि मोदी की गोडसे से तुलना करते हुए प्रदेश प्रभारी पुनिया ने तो एक दृष्टांत मात्र दिया था। भाजपा के सांसद साध्वी प्रज्ञा और साक्षी महाराज जैसे नेता गोडसे को देशभक्त कहते हैं।

फिर भाजपा नेताओं को गोडसे और मोदी के संबंध में दृष्टांत दिए जाने पर किस बात पर आपत्ति है? उल्लेखनीय है कि पुनिया ने कहा था कि जिस तरह गोडसे ने गोली मारने से पहले गांधी के पैर छुए, उसी तरह मोदी ने सदन और संविधान पर माथा टेका। आज इन दोनों ही व्यवस्थाओं को समाप्त किया जा रहा है।

कांग्रेस महामंत्री त्रिवेदी ने कहा कि भाजपा नेताओं ने इस टिप्पणी को अभद्र मानते हुए विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है जो उनका अधिकार है। इस विरोध प्रदर्शन में जो बड़ी बात उभर के सामने आ रही है कि गोडसे का मंदिर बनाने वाले गोडसे जिंदाबाद कहने वालों ने गोडसे को देशभक्त कहने वालों की पार्टी ने अंतत: गोडसे कहे जाने को अभद्र मानकर वास्तविकता को स्वीकार कर लिया है।

शेरगिल को धमकी दिए जाने की निंदा

त्रिवेदी ने कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने 2018 के विधानसभा चुनावों में हमारे साथ छत्तीसगढ़ में भाजपा को उखाड़ फेंकने में अह्म भूमिका निभाई थी। शेरगिल को इमेल भेजकर हत्या और परिवारजनों के साथ दुष्कर्म जैसी ओछी निम्नस्तरीय धमकी की कांग्रेस कड़ी निंदा करती है। करंट लगाने और गोली मारने की धमकियां देने वालो ने अब हत्या और दुष्कर्म की धमकियां देना शुरू कर दिया है।

Posted By: Anandram Sahu

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