रायपुर। प्रदेश मौसम विभाग ने इस महीने दूसरी बार लू अलर्ट जारी कर दिया है। प्रदेश के मैदानी जिलों के अलावा अंबिकापुर का पारा 44 डिग्री जा पहुंचा है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि कैसे छत्तीसगढ़ झुलस रहा है, जबकि अगर मानसून समय पर आता तो अब तक जगदलपुर में दस्तक हो चुकी होती और रायपुर में प्री-मानसून की पहली फुहार पड़ गई होती। मगर ऐसा नहीं हो सका।

पहले मानसून में देरी हुई और अब मानसून की बढ़ती गति एक समुद्री तूफान ने धीमी कर दी है। मौसम विभाग के मुताबिक अरब सागर में एक चक्रवात तूफान में बदल गया है और इसकी तीव्रता, बीते दिनों आए फणि तूफान से ज्यादा बताई जा रही है। इस तूफान से नमी बिल्कुल नहीं आ रही है, जिससे गर्मी इस जून में अपने चरम पर बनी हुई है। अगले सोमवार को लू चली, अगले 48 घंटे के लिए भी मौसम विभाग ने लू अलर्ट जारी कर रखा है। गुरुवार से मौसम में परिवर्तन आ सकता है।

सोमवार की सुबह से ही रायपुर के आसमान में सूरज अपनी तिरछी नजरें किए हुए था। सुबह से पारा जो चढ़ना शुरू हुआ तो चढ़ता ही चला गया। हालांकि इस दौरान कुछ बादल भी आए,लेकिन ज्यादा देर तक ठहर नहीं सके और गर्मी बढ़ती ही चली गई। बीते 10 दिन में यह दूसरी बार है, जब रायपुर का अधिकतम तापमान 45 डिग्री से अधिक पहुंचा है। हालांकि आसपास के कुछ क्षेत्रों में हवा जरूर चली, मगर ये गर्म ही रही।


तूफान मचाएगा पाकिस्तान में तबाही

बीते महीने जिस तरह से फणि तूफान ने समूचे ओडिसा को अपनी चपेट में लिया था, ठीक वैसे ही एक तूफान और उठ रहा है, जो गुजरात से पाकिस्तान की तरफ बढ़ते हुए वहां तबाही मचाएगा। अगले दो दिनों में यह काफी भयावह रूप लेने वाला है।

शहरों का तापमान

जिला- रविवार- सोमवार

रायपुर- 43.3- 45.2 (6)

बिलासपुर- 43.6- 45.7 (6)

पेंड्रा- 43.8- 44.5 (7)

अंबिकापुर- 42.0- 43.8 (7)

जगदलपुर- 38.6- 37.9 (4)

दुर्ग- 44.2- 45.2 (7)

(नोट- ब्रैकेट का आंकड़े सामान्य से अधिक तापमान के हैं।)


पांच साल में जून 2019 सबसे गर्म

जून 2015- 42.2 डिग्री

जून 2016- 43.6 डिग्री

जून 2017- 43.8 डिग्री

जून 2018- 41.0 डिग्री

जून 2019- 45.7 डिग्री (पांच जून)

रायपुर का पूर्वानुमान

लू चलने का पूर्वानुमान है। रायपुर के आसपास के कुछ हिस्सों में शाम को मौसम बदल सकता है, बादल छाने का अनुमान है। गरज-चमक के साथ बोछारें भी पड़ सकती हैं, मगर यह प्री-मानसून नहीं है।

इनका कहना है

अभी मानसून ब्रेक जैसी स्थिति नहीं है, मगर मानसून बहुत धीमी गति से आगे बढ़ रहा है। यह जगदलपुर पहुंचने में एक-दो दिन और डिले हो सकता है। अभी जो भी बारिश होगी, वह स्थानीय सिस्टम की वजह से ही होगी।

- एचपी चंद्रा, वरिष्ठ मौसम विज्ञानी, मौसम विज्ञान केंद्र, लालपुर

Posted By: Hemant Upadhyay

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