रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि। Amrit Sarovar Yojana in CG: छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना अमृत सरोवर में नये तालाबों को बनाने, गहरीकरण और सुंदरीकरण का काम शुरू हो गया है। वर्षा जल के संरक्षण और भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए यह प्रयास किया जा रहा है। इस योजना में हर जिले से 75 तालाब चिन्हित किए जा रहे हैं। रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग के सभी जिलों में काम शुरू हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि खेती-किसानी के सीजन की वजह से अभी मजदूर कम मिल रहे है। इसलिए काम धीमी गति से चल रहा है। राजनांदगांव जिले में अभी हर दिन करीब 50 हजार मजदूर मनरेगा के तहत कार्य कर रहे हैं। मई के अंतिम सप्ताह तक यह आंकड़ा प्रतिदिन 1.05 लाख मजदूर का था।

धमतरी : तालाब चिन्हित, गहरीकरण कार्य जारी

धमतरी जिले में 75 तालाबों को चिन्हित किया गया है। इसमें दो नये तालाब खोदे जाएंगे, लेकिन अभी काम शुरू नहीं हुआ है। वहीं 49 तालाबों में गहरीकरण किया जा रहा है। साथ ही कुछ का सुंदरीकरण होना है। जिला पंचायत सीईओ प्रियंका महोबिया ने बताया कि नये तालाब का काम शुरू नहीं हुआ है। शीघ्र ही काम शुरू करेंगे। 49 तालाबों में गहरीकरण का कार्य जारी है। हमने 15 अगस्त तक 20 प्रतिशत तालाब गहरीकरण का लक्ष्य तय किया है।

दुर्ग : 28 नए तालाब, 55 का होगा गहरीकरण

दुर्ग जिले में कुल 83 तालाब चिहिन्त किए हैं। इसमें 28 नये तालाब का निर्माण किया जाएगा। वहीं 55 तालाबों का गहरीकरण होना है। अभी 16 नए तालाबों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। करीब 20 तालाबों के गहरीकरण का काम भी चल रहा है। जिला पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अश्वनी देवांगन का कहना है कि जैसे ही स्वीकृति मिल रही है, काम शुरू करवा रहे है। लेकिन बारिश को देखते हुए काम प्रभावित होने की आशंका है।

कोंडागांव : 14 नये तालाब खोदे जाएंगे, काम शुरू

कोंडागांव जिले में अमृत सरोवर योजना में 89 तालाबों को चिन्हित किया गया है। इनमें 14 नये तालाब खोदे जाएंगे। वहीं 75 तालाबों का गहरीकरण किया जाना है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रेम प्रकाश शर्मा के मुताबिक तालाबों के गहरीकरण का कार्य प्रगति पर है। जनपद पंचायत फरसगांव के जुगानी कलार ग्राम में करीब 10 लाख की लागत से तालाब खोदा जा रहा है। इस तालाब का नामकरण बलिदानी जय कुमार नेताम के नाम पर होगा।

रायपुर : 32 तालाबों के सुंदरीकरण का काम जारी

रायपुर जिले में कुल 75 अमृत सरोवर बनाए जाएंगे। इसमें रायपुर के चारों ब्लाक में अब तक कुल 32 तालाबों के सुंदरीकरण का काम शुरू कर दिया गया है। बाकी 43 तालाबों के सुंदरीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। खासकर गांव के तालाबों में सुंदरीकरण से यहां पशुओं को स्वच्छ जल और लोगों के लिए निस्तारी जल मिलेगा। इससे जल संग्रहण के कारण जल स्तर भी बढ़ेगा। रायपुर जिला पंचायत सीईओ रवि मित्तल ने बताया कि केंद्र द्वारा प्रत्येक जिले में 75 सरोवर बनाने का निर्णय लिया है। इसका मकसद तालाबों के कायाकल्प के साथ-साथ जल संरक्षण भी करना है।

राजनांदगांव : छह में से दो नये तालाब का काम शुरू

राजनांदगांव जिले में 77 तालाबों को चिन्हित किया गया है। इनमें से 63 पुराने तालाबों का गहरीकरण किया जाना है। इनका काम जारी है। छह नये तालाब खोदे जाएंगे। इनमें से दो तालाबों का काम शुरू हो गया है। जिन तालाबों का सुंदरीकरण का कार्य किया जाना है। उनका काम चल रहा है। जिला पंचायत के सहायक परियोजना अधिकारी बरन सिंह ने बताया कि अभी किसी भी तालाब का काम पूरा नहीं हुआ है। वहीं 14 तालाबों का काम शुरू नहीं हुआ है।

महासमुंद : 37 तालाबों के गहरीकरण का काम शुरू

महासमुंद जिले में अमृत सरोवर योजना में 75 तालाबों को चिन्हित किया गया है। इसमें सात नये तालाब खोदे जाएंगे। इनका कार्य प्रगति पर है। इसके साथ ही 37 तालाबों का गहरीकरण का काम जारी है। जिला पंचायत सीईओ एस आलोक ने बताया कि 15 अगस्त के दिन से तालाबों के आसपास पौधारोपण किया जाएगा। इसमें 50 प्रतिशत से अधिक काम हो चुका। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, बलिदानी परिवार के द्वारा पौधारोपण कराया जा रहा है।

बस्तर : 67 तालाब चिन्हित, बाकी जगह विवाद

बस्तर जिले में 67 तालाब चिन्हित हो पाए हैं। आठ जगहों पर अवैध कब्जा, ग्रामीणों का विरोध व जंगल जमीन का विवाद सामने आया है। इस कारण 75 आबंटित तालाबों में विवादास्पद जगहों पर नए स्थल की तलाश की जा रही है। जिले में 30 नए तालाब का निर्माण एवं 45 पुराने तालाबों का गहरीकरण होना है। 25 तालाबों का निर्माण एवं गहरीकरण कार्य शुरू किया गया था, जिसे वर्षा के चलते रोक दिया गया है। जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी कैलाश कोडोपी का कहना है कि गहरीकरण के लिए आठ महीने इंतजार करना पड़ सकता है।

बेमेतरा : अभी 35 तालाबों में चल रहा है काम

बेमेतरा जिले में 80 तालाबों को इस योजना के तहत शामिल किया गया है। इनमें 35 तालाबों में अभी काम चल रहे है। हालांकि 15 अगस्त तक की तिथि निर्धारित की गई है। किंतु बारिश के चलते शायद तय समय सीमा पर काम नहीं हो पाएगा। वर्षा थमने के बाद इसे प्राथमिकता में लिया जाएगा। मुख्य कार्यपालन अधिकारी लीना मंडावी ने बताया कि पांच स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के गांव तथा शहीद के गांव को भी अमृत सरोवर योजना में शामिल किया गया है।

क्या है अमृत सरोवर योजना

अमृत सरोवर योजना में हर जिले से 75 तालाब बनाए जाने है। इसका क्षेत्रफल 1 एकड़ (0.4 हेक्टेयर) होगा। इसमें लगभग 10,000 घन मीटर की जल धारण क्षमता होगी। इसमें पुराने तालाबों के कायाकल्प की भी योजना है। निर्दे अनुसार 15 अगस्त, 2022 तक 25 प्रतिततालाबों को विकसित करना है। सभी 75 अमृत सरोवरों को अमृत वर्ष के अंत तक यानी 15 अगस्त 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

फलदार पौधे भी लगेंगे

अमृत सरोवरों के किनारे नीम पीपल, कटहल, जामुन, बरगद आदि के पौधे लगाए जाएंगे। वहीं फूलदार पौधे भी रोपे जाएंगे। यहां बेंच भी रखी जाएगी। बच्चों के लिए झूलों की व्यवस्था की जाएगी। इनकी देख रेख की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की रहेगी। सभी तालाबों पर 15 अगस्त को ध्वजारोहण भी किया जाना है।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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