रायपुर (राज्य ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ, बस्तर जिले के वनधन विकास केंद्र बकावंड और कोरबा जिले के डोंगानाला की स्व-सहायता समूह को प्रतिष्ठित ग्रिड पुरस्कार के लिए पर्यावरण, सामाजिक और कार्पोरेट प्रशासन (ईएसजी) वर्ल्ड समिट में नामित और चयनित किया गया है। राज्य को ये पुरस्कार संधारणीय विकास, गरीबी उन्मलन व महिला सशक्तीकरण की श्रेणियों में प्राप्त हुए हैं। पुरस्कार वितरण समारोह सिंगापुर में 22 व 23 जुलाई को होगा। इसमें भाग लेने विजेता स्व-सहायता समूहों की दो-दो सदस्यों को सिंगापुर भेजा जाएगा।

तीन चरणों के परीक्षण बाद चुने गए विजेता

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि विजेताओं का चयन लगभग तीन माह चले तीन चरणों के कठोर परीक्षण मापदंडों पर प्रस्तावों के विश्लेषण के आधार पर किया गया। सिंगापुर के कार्प स्टेज व ईएसजी रिसर्च फाउंडेशन का उद्देश्य ईएसजी मापदंड विकास के लक्ष्यों, प्रभावों को विस्तारित करना और संयुक्त राष्ट्रसंघ द्वारा निर्धारित संधारणीय विकास लक्ष्यों की स्थापना है।

ये आदिवासी महिलाएं जाएंगी सिंगापुर

पुरस्कार लेने के लिए बकावंड से पद्मिनी बघेल व बेला बाई कश्यप और डोंगानाला से सरोज पटेल व फूल बाई नेती को सिंगापुर भेजा जाएगा। प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जगदलपुर वन मंडल अधिकारी स्टाइलो मंडावी करेंगी। सिंगापुर में आयोजित कार्यक्रम में 150 देशों व पूरे विश्व के 200 से अधिक संस्थानों के प्रतिनिधि श्ाामिल होंगे।

मुख्यमंत्री व वनमंत्री ने दी बधाई

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए राज्य लघु वनोपज संघ सहित सभी वनधन केंद्र के समूहों को बधाई और शुभकामना दी है। वन मंत्री ने कहा कि अब छत्तीसगढ़ के विकास माडल गूंज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुनाई देने लगी है।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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