रायपुर। Workers Protest: भिलाई इस्पात संयंत्र के सबसे बड़े अस्पताल सेक्टर-9 के ठेका कामगार हड़ताल पर चले गए। बुधवार को ठेका श्रमिकों ने हड़ताल कर दिया। जिसकी वजह से अस्पताल में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई। इस समय सेक्टर-9 अस्पातल में 150 महिला और 50 ठेका श्रमिक काम करते हैं।

अस्पताल में भर्ती मरीजों के बेडशीट नहीं बदले जा सके। सबसे बड़ी बात अस्पताल में भर्ती करीब 300 मरीजों को सुबह आठ बजे तक मिलने वाला नाश्ता 10 बजे के बाद मिल सका। ठेका श्रमिकों ने यह हड़ताल उन्हेें समय पर वेतन नहीं मिलने की वजह से की है। हड़ताल से अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मच गया। हड़ताली ठेका श्रमिकों को प्रबंधन द्वारा समझाइश दी गई। प्रबंधन हड़ताल को देखते हुए सीआईएसएफ को तैनात कर दिया।

संयंत्र के सेक्टर-9 अस्पताल में सफाई सहित अन्य कार्यों का ठेका इंदौर की प्रथम नेशनल सिक्योरिटी सर्विसेस को दिया गया है। जिसके द्वारा पिछले दो साल से यहां पर ठेका लेने के बाद सफाई कर्मियों से कार्य करवाया जा रहा है। इन्हीं ठेका श्रमिकों के माध्यम से अस्पताल में भर्ती मरीजों के बिस्तरों के चादर बदलवाए जाते हैं। इसके अलावा इलाज के लिए भर्ती मरीजों से नास्ता और दोपहर-रात का भोजन भी वितरण करवाया जाता है।

आज सुबह से ठेका श्रमिकों के हड़ताल पर जाने की वजह से यह सभी कार्य नहीं हुए। जिससे मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ी, नास्ता नहीं मिलने से जहां मरीज समय पर दवाई नहीं खा पाए। वहीं गंदे चादर में ही उन्हे रहना पड़ा। इसकी जानकारी होते ही अस्पताल के महाप्रबंधक ( मेंटेनेंस) मोहम्मद शाहिद अहमद सहित अन्य अफसर सक्रिय हो गए और उनके द्वारा सभी को समझाइश दी गई। लेकिन ठेका श्रमिक अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे।

पिछले दो साल से परेशान हैं कामगार

ठेका श्रमिक इंदौर निवासी ठेकेदार कुलदीप मिश्रा से पिछले दो वर्षों से परेशान बताए जा रहे है। ठेका श्रमिकों का आरोप है कि समय पर उन्हें वेतन नहीं मिलता। वहीं, दूसरी ओर उनके वेतन से प्रतिमाह कटौती की जाने वाली पीएफ और इएसआईसी की राशि भी पूरी जमा नहीं की जा रही है। जब भी वे इसकी जानकारी मांगते है, तो उन्हें काम से निकाल दिया जाता है। जहां ठेका श्रमिक परेशान हैं। वहीं सेक्टर-9 अस्पताल प्रबंधन द्वारा पिछले दो वर्षों से इंदौर निवासी ठेकेदार कुलदीप मिश्रा को लगातार तलब किया जा रहा है, इसके बावजूद उसने अब तक प्रबंधन को कोई तवज्जों नहीं दी है।

बार-बार टेंडर बुलाकर निरस्त किया जाता है

सेक्टर-9 अस्पताल प्रबंधन द्वारा कुछ ही महीने में तीन बार टेंडर बुलाया जा चुका है। उसे बिना किसी कारण बताए निरस्त कर दिया जाता है। फरवरी में दो बार टेंडर बुलवाकर निरस्त किया जा चुका है। जबकि टेंडर प्रक्रिया में पांच पार्टियों ने शामिल होकर सारी प्रक्रियाओं को पूरी की थी। इसमें से बीएसपी प्रबंधन ने मात्र तीन को ही पात्र माना था। उसके बाद भी टेंडर निरस्त कर दिया गया था। इस समय इंदौर के जिस ठेकेदार को सेक्टर-9 अस्पताल का जिम्मा सौंपा गया है, उसे प्रतिवर्ष के लिए बीएसपी द्वारा चार करोड़ रुपये का भुगतान किया जाता है।

पूरा वेतन नहीं दिया जा रहा

'पिछले डेढ़ वर्ष से सेक्टर-9 अस्पताल के ठेका श्रमिकों को पूरा वेतन नहीं दिया जा रहा है। इसके कारण ही आक्रोश फूटा है और ठेका श्रमिक हड़ताल पर चले गए है।'

-योगेश सोनी, महासचिव ठेका प्रकोष्ठ सीटू

श्रमिकों ने बिना नोटिस के हड़ताल कर दी

'ठेका श्रमिकों ने बिना नोटिस के हड़ताल कर दी है। जिन्हे समझाइश दी जा रही है।'

मोहम्‍मद शाहिद अहमद, महाप्रबंधक सेक्टर-9 अस्पताल (मेंटेनेंस)

Posted By: Azmat Ali

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