Workshop on Tobacco Control: रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि) । ई-सिगरेट, सिगरेट छोड़ने का अच्छा विकल्प है। लेकिन ई-सिगरेट उतना ही नुकसानदायक है, जितना की सिगरेट। ई-सिगरेट के विनिर्माण, वितरण, आयात और विक्रय पर एक साल की सजा हो सकती है। इतना ही नहीं ई-सिगरेट बेचने पर, विनिर्माण, आयात करने पर एक लाख रुपये जुर्माना या दोनों से दंड का प्रविधान है।

यह बातें छत्‍तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्थित पं. जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कालेज में सोमवार को कम्युनिटी मेडिसिन विभाग में तंबाकू नियंत्रण पर कार्यशाला का आयोजन बताई गईं। तंबाकू नियंत्रण पर आयोजित इस कार्यशाला में पीजीआइएमईआर चंडीगढ़ के संचालक डा. सोनू गोयल ने यह जानकारी दी। उन्होंने तंबाकू उद्योग के उत्पाद व प्रवाह को रोकने के लिए शासन के निर्देशों के बारे में जानकारी दी। डा. सोनू गोयल ने साथ ही तंबाकू व नशे के उपयोग से होने वाले स्वास्थ्य पर बुरे प्रभाव को बताया।

डा. निर्मल वर्मा ने कार्यशाला के प्रमुख उद्देश्य व तम्बाकू नियंत्रण के प्रयासों की जानकारी दी। साथ ही राज्य में किए जा रहे तंबाकू नियंत्रण अभियान के बारे में बताया। डा. अमित यादव द्वारा तंबाकू उद्योग के हस्तक्षेप के लिए कोड आफ कंडक्ट लागू किए जाने के विषय में विस्तार से जानकारी दी गई।

इधर दौरान अतिथियों ने तंबाकू उद्योग के हानिकारक प्रभाव से मजबूत तंबाकू नियंत्रण नीतियों की रक्षा के संबंध में भी जानकारी दी। मौके पर यूनिसेफ और कम्युनिटी मेडिसिन विशेषज्ञ डा. श्रीधर, स्वास्थ्य विभाग के डा. धर्मेन्द्र गहवई मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन राज्य नोडल अधिकारी (तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम) डा. कमलेश जैन ने की।

Posted By: Kadir Khan

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