रायपुर (गिरीश वर्मा)। World Cancer Day 2023 आधुनिक दौर में कैंसर एक ऐसी बीमारी बन गई है, जिसमें मौत के आंकड़े लगातार बढ़ते जा रहे हैं। कैंसर की गंभीरता को देखते हुए सरकार तो इसकी रोकथाम और इलाज के लिए योजनाएं चला ही रही है, इसके साथ ही समाजसेवी संस्थाएं और समाजसेवी भी लगातार प्रयास कर रहे हैं कि इस बीमारी से लोगों को छुटकारा मिले। चार फरवरी को हर साल विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है। इस संदर्भ में हम यहां रायपुर की रायपुर की सुदेशना और चरामेति चैरिटी के सेवा-कार्यों का से आपको अवगत करा रहे हैं। एनआइटी से एमटेक करने के बाद सुदेशना काउंसिलिग के माध्यम से सर्वाइकल कैंसर के प्रति ग्रामीण अंचल के लोगों को जागरूक कर रही हैं। वहीं चरामेति चैरिटी एक ऐसी संस्था है, जो कैंसर पीड़ितों की मदद कर रही है।

एनआइटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से पढ़ाई के बाद ज्यादातर युवा विदेश में नौकरी, बड़ी कंपनी में बड़े पद पर काम काम करते हैं, लेकिन रायपुर की सुदेशना रूहान की कहानी कुछ अलग ही है। उन्होंने बताया-'मैं एनआइटी रायपुर से वर्ष 2012 में एमटेक की पढ़ाई कर रही थी। असाइमेंट में कैंसर पीड़ितों के बारे में जानने के लिए मैं आंबेडकर अस्पताल गई। वहां मैंने जैसे ही एक कैंसर मरीज को स्पर्श किया और उसके बारे में जाना तो अत्यंत दुख हुआ। मैंने उसी समय तय कर लिया कि यह बीमारी अत्यंत घातक है और मुझे इसके प्रति लोगों को जागरूक करना है।" यह कहना है सुदेशना रूहान का, जो कैंसर से लोगों को बचाने के लिए उन्हें जागरूक कर रही हैं।

मानसिक और सामाजिक संघर्षों को कम करने की कोशिश

सुदेशना कैंसर और पैलियटिव मरीजों की सेवा कर रही हैं। तब इस विषय में लोगों को बहुत कम जानकारी थी। कैंसर का मतलब केवल शारीरिक इलाज माना जाता था। मरीज और उनके परिवार वालों के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के बारे में कोई चर्चा नहीं होती थी। सुदेशना की कोशिश इस धारणा को बदलने की रही। साइकोसोशियोकाउंसिलिंग के माध्यम से उन्होंने मरीज और उनके परिवार वालों के मानसिक और सामाजिक संघर्षों को कम करने की कोशिश की। नतीजतन आज छत्तीसगढ़ में लोग इस बारे में मुखर हो रहे हैं, सलाह ले रहे हैं। छत्तीसगढ़ के अलावा उन्होंने अन्य राज्यों जैसे पश्चिम बंगाल, झारखंड, दिल्ली एवं उत्तराखंड में भी सेवाएं दी हैं। वर्ष 2022 से सुदेशना द्वारा स्थापित निरामय: कैंसर फाउंडेशन सर्वाइकल कैंसर के प्रति छत्तीसगढ़ में जागरूकता लाने की दिशा में अग्रसर है। बता दें कि सुदेशना अब तक छह सौ कैंसर मरीजों की काउंसिलिंग कर चुकी हैं। 15 जनवरी, 2023 को मुख्यमंत्री एवं आउटलुक इंडिया द्वारा सोशल वर्क इन हेल्थ के क्षेत्र में सुदेशना को पुरस्कृत किया जा चुका है।

डेढ़ सौ लोगों को रोज खाना दे रही चरामेति चैरिटी

चरामेति चैरिटी नाम की एक निजी संस्था आर्थिक रूप से कमजोर बीमार लोगों की उनके इलाज में सहायता कर रही है। संस्था के प्रदेश अध्यक्ष प्रेम प्रकाश साहू ने बताया कि संस्था ने अब तक कैंसर पीड़ित तीन लोगों की मदद की है। मदद में मरीज को दवाई और खाने के साथ आर्थिक मदद भी की है। इसके साथ संस्था क्षेत्रीय कैंसर संस्थान, रायपुर के बाहर गरीब कैंसर पीड़ित मरीज व उनके परिवार वालों को भी मुफ्त में भोजन उपलब्ध करा रही है। चरामेति चैरिटी द्वारा चरामेति तृप्तांजलि भोजन सेवा के माध्यम से प्रतिदिन शाम 7:30 बजे डेढ़ सौ लोगों को खाना खिलाने का काम कर रही है। साहू ने बताया कि पिछले पांच सालों से संस्था अलग-अलग जगहों में बीमारी से ग्रसित और उनके परिवारवालों को निश्शुल्क भोजन दे रही है।

Posted By: Vinita Sinha

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