रायपुर(राज्य ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण, ट्री कवर और फारेस्ट कवर को बढ़ाने के लिए किए जा रहे कार्यों की वर्ल्ड इकोनामिक फोरम ने सराहना की है। वन ट्रिलियन ट्री की प्रमुख निकोल सेवाड ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जंगल को अर्थव्यवस्था से जोड़ना एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ ही आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा सकता है।

वर्ल्ड इकोनामिक फोरम की तरफ से शुक्रवार को आयोजित वचुर्अल परिचर्चा में सेवाड ने यह बात कही। परिचर्चा को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जंगलों को वनवासियों ने ही बचाया है और वे वनों के रक्षक हैं।

छत्तीसगढ़ में 42 फीसद क्षेत्र जंगलों से घिरा हुआ है और राज्य में 31 फीसद आबादी आदिवासियों की है जो प्रमुख रूप से वनों पर निर्भर हैं। इन्हें और समृद्ध बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार व्यक्तिगत और सामुदायिक वन अधिकार पट्टों का वितरण कर रही है।

परिचर्चा में मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि राज्य में साइंटिफिक तरीके से वनों के संरक्षण और भूजल स्रोत को रीचार्ज करने का काम किया जा रहा है। इससे राज्य के नाले 10 से लेकर 30 सेंटीमीटर तक भूजल स्रोत रीचार्ज हुए हैं।

उन्होंने बताया कि लघु वनोपजों के क्षेत्र में बेहतर काम किया जा रहा है, यदि इनके लिए लघु उद्योगों की स्थापना की जाए तो ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों को बहुत फायदा होगा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी लोग जागरूक होंगे।

अफसरों ने बताया कि वर्ल्ड इकोनामिक फोरम की ओर से विश्व स्तर पर वन ट्रिलियन ट्री योजना पर काम किया जा रहा है। फोरम पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में काम कर रहा है। छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण को और कैसे बेहतर बनाया जा रहा है इस संबंध में वन ट्रिलियन ट्री कार्यक्रम की प्रमुख निकोल सेवाड के साथ मुख्यमंत्री वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से परिचर्चा में शामिल हुए। भारत में वन ट्रिलियन ट्री कार्यक्रम की संचालक रित्विका भट्टाचार्य और भैरवी जानी ने कार्यक्रम के बारे में मुख्यमंत्री को जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने फोरम को दिए सुझाव

सीएम ने सुझाव दिया कि मौसम के अनुसार ही यदि हम पौधों का रोपण करें तो वनों के विकसित होने की संभावनाएं ज्यादा रहेंगी और ये तभी हो सकेगा जब इनको पर्याप्त मात्रा में पानी मिलता रहे। उन्होंने बताया कि नरवा योजना के अंतर्गत राज्य सरकार ने यही काम किया है।

Posted By: Pramod Sahu

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close