World Heart Day 2020: रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। हृदय की बीमारियों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए विश्व हृदय दिवस मनाया जा रहा है। ऐसे में लोगों को समझना होगा कि दिल की बीमारी कितनी जानलेवा है। हृदय रोग से मृत्यु के मामले किसी भी अन्य बीमारी से होने वाली मौतों के मामले में सर्वाधिक है।

आंबेडकर अस्पताल में एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट में कार्डियक थोरेसिक एंड वेस्कुलर विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्णकांत साहू ने बताया कि हाइपर टेंशन सामान्य सी बीमारी लगती है। मगर, इसकी वजह से हृदय से संबंधित कई तरह की बीमारियां सामने आती हैं। ब्लड प्रेशर की वजह से हृदय की नसों में ब्लॉकेज आने से रक्त का संचार बाधित होता है। इससे हृदय घात की आशंका बढ़ जाती है। हालांकि, थोड़ी सी सावधानी बरतकर दिल की 80 फीसद बीमारियों को रोका जा सकता है।

वहीं ब्रेन हेमरेज, लकवा और अन्य समस्याएं भी आ सकती हैं। डॉ. साहू ने बताया कि संक्रमण काल में किसी भी तनाव को मस्तिष्क पर हावी न होने दें। इसका प्रभाव सीधा असर हृदय पर पड़ता है। इसलिए मानसिक तनाव से दूर रहें।

बता दें कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे (2015-16) के मुताबिक, एक लाख महिलाओं में लगभग 582 महिलाएं हृदय रोग से पीड़ित होती हैं। वहीं, एक लाख पुरुषों में 458 पुरुष हृदय संबंधी रोगों से पीड़ित होते हैं। राजधानी के आंबेडकर अस्पताल में लगभग 7,500 से अधिक दिल की बीमारी से जूझ रहे मरीजों को सर्जरी के बाद नई जिदंगी मिली है। कार्डियक थोरेसिक एंड वेस्कुलर विभाग में 637 सर्जरियां की गई है।

हृदय रोग से कैसे बचें

शराब, तंबाकू, धूम्रपान, अत्याधिक मात्रा में मांसाहार और मद्यपान करने से बचें। अधिक तेलीय भोजन से परहेज करें। नियमित समय पर सोने-उठने और व्यायाम के लिए भी समय निकालें। पौष्टिक आहार का सेवन करें और तनाव से दूर रहने की कोशिश करें। इससे हृदय के साथ ही अन्य बीमारियों से भी लड़ने में मदद मिलेगी और बचाव होगा।

आंबेडकर अस्पताल में पांच वर्षों में दिल के मरीजों की सर्जरी

2015 - 969

2016 - 1098

2017- 1306

2018 - 1477

2019 - 1238

जून 2020 - 335

कोरोना काल में हृदय के मरीजों को बहुत सावधानी बरतरने की जरूरत है। खासकर हार्ट फेलियर के मरीजों को। ऐसे मरीजों को किसी भी तरह की दिल से संबधित शिकायतें सामने आने पर तुरंत चिकित्सकीय उपचार लेना चाहिए। समय पर इलाज न मिले, तो मौत का खतरा बढ़ जाता है। समय पर उपचार और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहकर दिल की 80 फीसद बीमारियों को रोका जा सकता है।

- डॉ. कृष्णकांत साहू, विभागाध्यक्ष, एसीआइ, कार्डियक थोरेसिक एंड वेस्कुलर, आंबेडकर अस्पताल

Posted By: Nai Dunia News Network

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