00रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

लैंगिक अल्पसंख्यक समुदाय ने रविवार को रेलवे स्टेशन के बाहर क्वीर फ्लैश मॉब का आयजन किया। इसमें नुक्कड़ नाटक, नृत्य, गीतों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया गया, वहीं अपनी व्यथा को भी बयां किया। नाटक में समाज से मिलने वाले ताने, प्रताड़ना को प्रदर्शित किया। इस पर भी जोर दिया कि समाज इस समुदाय के लोगों को स्वीकारे। साथ ही संवेदनशीलता बढ़ाने पर जोर दिया। समुदाय के सदस्यों ने बैनर-पोस्टर के जरिए भी लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया। सात रंगों से बना लेस्बियन गे बाई सेक्सुअल ट्रांसजेंडर क्वीर (एलजीबीटीक्यू) फ्लैग आकर्षण का केंद्र रहा।

कार्यक्रम को देखने के लिए स्टेशन के बाहर लोगों की भीड़ लगी रही। आरपीएफ, सीआरपीएफ के जवानों के साथ आम यात्रियों ने नाटक देखकर प्रतिक्रिया भी व्यक्त की। छत्तीसगढ़ मितवा संकल्प समिति की अध्यक्ष विद्या राजपूत ने बताया कि समाज समुदाय के प्रति समाज का नजरिया बदलने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इससे लोगों में जागरूकता आएगी और संदेश जाएगा कि वे लोग भी इसी समाज से हैं।

परिवार वालों को अपनाने से खत्म होगी परेशानी

एलजीबीटीक्यू समुदाय के लोगों को जो समाज में प्रताड़ना मिलती है, उसको नाटक में पेश किया गया। समुदाय के सदस्य एली ने कहा- हमारे समुदाय के लोगों को आए दिन भेदभाव का सामना करना पड़ता है, यदि परिवार के लोग हम लोगों को स्वीकार करें तो हमारी परेशानियां खत्म हो जाएंगी।

कार्यक्रम के संयोजक सिद्धांत कुमार बेहरा ने बताया कि आगामी 14 और 15 सितंबर को छत्तीसगढ़ में पहली बार प्राइड मार्च का आयोजन किया जाएगा। एलजीबीटीक्यू कार्यकर्ता अक्षय मानकर ने आग्रह किया कि आगामी 14 सितंबर को ज्यादा से ज्यादा लोग उपस्थित होकर हमें सहयोग प्रदान करें।

Posted By: Nai Dunia News Network