राजनांदगांव। पीएम किसान सम्मान निधि के लिए ई-केवाइसी नहीं कराने वाले किसानों को सम्मान राशि से हाथ धोना पड़ेगा। जिले के करीब 50 हजार किसानों ने ई-केवाइसी अपड़ेट नहीं कराया है। जिसके चलते किसानों को सम्मान निधि की राशि नहीं मिल पाएगी। ई-केवाइसी कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई थी। इसके बावजूद किसानों ने ई-केवाइसी अपडेट कराने रुचि नहीं दिखाई। केंद्र सरकार द्वारा किसानों को खाद-बीज तथा सिंचाई आदि में सहयोग के लिए साल में तीन बार दो-दो हजार करके कुल छह हजार रुपये किसान सम्मान निधि के रुप में सीधे उनके बैंक खाते में भेजा जाता है। योजना का लाभ लेने जिले के दो लाख 24 हजार 981 किसानों ने अपना पंजीयन कराया था। जिसमें से 50 हजार किसानों ने ई-केवाइसी अपडेट नहीं कराया।

30 करोड़ डकार गए अपात्र किसानः पीएम किसान सम्मान निधि योजना का अपात्र किसानों ने भी जमकर लाभ उठाया। जिले के करीब 33 हजार अपात्र किसानों ने योजना का लाभ उठाकर करीब 30 करोड़ रुपये डकार गए। अपात्र किसान सम्मान निधि राश लेने के बाद चुप बैठ गए हैं। कृषि विभाग अपात्र किसानों को सम्मान राशि लौटाने कई बार नोटिस भेज चुका है। इसके बाद भी अपात्र किसान सम्मान राशि लौटाने कोई रूचि नहीं दिखा रहे हैं। कुछ दिनों पहले विभागीय कर्मचारी अपात्र किसानों के घर पहुंचे थे। कुछ किसानों ने दबाव में राशि लौटा दी है। विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों को वसूली करने पसीना छूट रहा है।

आयकरदाता सम्मान निधि लेने आगेः सम्मान निधि के तहत लघु किसानों को केंद्र सरकार की ओर से प्रतिवर्ष करीब छह हजार रुपये अलग-अलग किश्तों में दी जाती है। इसके लिए भी कई शर्तें हैं। जिसमें बी-वन खाते में हिस्सेदारी होनेसे योजना का लाभ देने का प्रविधान नहीं है। वहीं नौकरीपेशा और आयकर दाता को भी योजना से अलग रखा गया है। इसके बाद भी ज्यादातर आयकरदाताओं ने सम्मान निधि योजना का लाभ उठाया। सत्यापन में 33 हजार किसान अपात्र पाए गए हैं, जिनके खाते में करीब 30 करोड़ भी गए हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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