राजनांदगांव। Raksha Bandhan 2021: राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन विहान द्वारा तैयार की जा रही देसी राखियां अब इंटरनेट मीडिया में भी खूब धूम मचा रही है। महिलाओं द्वारा पांरंपरिक सामानो से राखियों का निर्माण किया जा रहा है जिसे स्टाल लगाकर तो बेचा ही जा रहा है, अमेजान और यू-ट्यूब के माध्यम से भी प्रचारित कर बिक्री की जा रही है। समूह को धड़ाधड़ा आनलाइन आर्डर मिल रहे हैं। समूह की महिलाओ द्वारा पहली बार राखी का निर्माण किया जा रहा है। समूह द्वारा पांच रूपये से लेकर 50 रूपये कीमत की राखिया बनाई जा रही है।

बिहान से जुड़ी स्वसहायता समूह की महिलाएं परंपरागत धान, बांस, चावल, अरहर, रखिया बीज, मोती एवं खूबसूरत रंग-बिरंगे धागों तथा डिजाईन से सजी राखियां का निर्माण अपनी हाथों से बना रही है जिसका कलेक्टोरेट में गढ़कलेवा परिसर में स्टाल लगाकर बेचा जा रहा है। वही अमेजान द्वारा आनलाइन भी राखियां बेची जा रही है।

आनलाइन आर्डर कर सकते हैं

विहान की महिआओं का कहना है कि जिलेभर की लगभग 20 महिला समूहों द्वारा राखियो का निर्माण किया जा रहा है। इस बार रक्षाबंधन पर समूह द्वारा बनाई गई राखियो को बेचने कलेक्टोरेट के गढ़कलेवा परिसर में विक्रय केद्र में उपलब्ध करवाया गया है। केटलाग से अपनी पसंदीदा राखी का कोड लिख कर व्हाट्सअप, कोरियर, डाक एवं अन्य माध्यमों से मंगवा सकते हैं।

छूट का आफर भी दे रहीं

समूह की भुवनेश्वरी साहू ने बताया कि न्यूनतम 50 से 100 नग राखी आर्डर पर 10 प्रतिशत डिस्काउंट, न्यूनतम 100 से 500 नग राखी आर्डर पर 20 प्रतिशत डिस्काउंट, न्यूनतम 500 से अधिक नग राखी आर्डर पर 25 प्रतिशत डिस्काउंट मिलेगा। आर्डर प्राप्त होने के तीन से चार दिन के भीतर राखी उपलब्ध कराई जाएगी। वही इन राखियो को अमेजान से भी लोग मंगा सकते ह

शुरुआती कीमत 50 रुपये

महिलाओ द्वारा परंपरागत धान, बांस, चावल, अरहर, रखिया बीज, मोती एवं खूबसूरत रंग-बिरंगे धागों तथा डिजाईन से सजी राखियां वेरायटी का निर्माण किया है, जो राखी स्टाल में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान की जय मां शीतला स्वसहायता समूह तथा जय मां अंबे समूह की महिलाएं राखी का विक्रय भी कर रही है। रामेश्वरी साहू ने बताया कि समूह की महिलाओं ने कहा कि घरेलु सामने से राखी का निर्माण किया गया है। पाचं रूपये से लेकर 50 रूपये तक की राखी बनाई गई है। जिले के मोहला मानपुर डोंगरगाव छुरिया, राजनादगांव की समूह की महिलाओं द्वारा राखी का निर्माण कर रही है। इन राखियो को अमेजान और यु ट्यूब में प्रचार किया जा रहा है। ताकि समूह की महिलाओ की आर्थिक स्तिथि सुदृण हो सके और आत्मनिर्भर बन सके।

Posted By: Nai Dunia News Network

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