राजनांदगांव (नईदुनिया प्रतिनिधि)। बाल विवाह की रोकथाम तथा बाल संरक्षण के लिए जिले में विभिन्ना कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही बाल विवाह को रोकने पर पुरस्कार दिया जाएगा। कुरीतियों के विरुद्ध चलाए जाने वाले इस अभियान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका तथा मितानिन को प्रमुखता से शामिल किया जाएगा। कार्यक्रम की सफलता के लिए कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।

कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा की अध्यक्षता में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित एकीकृत बाल संरक्षण योजनांतर्गत गठित जिला बाल संरक्षण समिति, जिला स्तरीय मानीटरिंग कमेटी एवं जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक मंगलवार को आयोजित की गई। बैठक में लिए गए निर्णय के तहत बाल विवाह को रोकने के लिए वार्ड एवं पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समितियों को जागरूक किया जाएगा। सर्व समाज प्रमुखों की बैठक लेकर बाल विवाह नहीं होने देने के लिए प्रेरित किया जाएगा। बाल विवाह रोकने वाली समितियों को पुरस्कृत किया जाएगा। जिले में भिक्षावृत्ति रोकने पर भी गंभीरता से कार्य करने की तैयारी की जा रही है। सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा निजी चिकित्सालयों में क्रेडल बेबी रिसेप्शन केंद्र स्थापित किया जाएगा।

एनएसएस एवं एनसीसी छात्रों को प्रशिक्षित : जिला बाल संरक्षण अधिकारी चंद्रकिशोर लाड़े ने बताया कि पंचायत एवं वार्ड स्तरीय बाल संरक्षण समितियों को प्रशिक्षण देने के लिए संचालनालय महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देशानुसार विस्तृत कार्य योजना तैयार की जा रही है। कालेजों में अध्ययनरत एनएसएस एवं एनसीसी छात्रों को प्रशिक्षित कर उनके माध्यम से पंचायत स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण की मानीटरिंग परियोजना अधिकारियों तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत के माध्यम से की जाएगी। महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने बताया कि एकीकृत बाल संरक्षण योजना के तहत जिले में विभिन्ना कार्य किए जा रहे हैं। बाल विवाह की रोकथाम व बाल संरक्षण के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। विधि से संघर्षरत, देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बालक तथा बालिकाओं के लिए अलग-अलग गृह संचालित हैं, जिनकी विभाग द्वारा नियमित रूप से मानीटरिंग की जा रही है।

सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए

राज्य स्तरीय एवं जिला स्तरीय निरीक्षण दल महिला सदस्यों को शामिल करते हुए त्रैमासिक निरीक्षण किया जा रहा है। सभी गृहों में सुरक्षा व्यवस्था के तहत पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैंऔर सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं। किशोर न्याय अधिनियम 2015 एवं नियम 2016 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन कराते हुए गृहों का संचालन किया जा रहा है।

वनांचल में होता रहा है बाल विवाह

जिले के वनांचल क्षेत्र मानमुर, मोहला, अंबागढ़ चौकी, छुरिया के अलावा छुईखदान के जंगल क्षेत्र वाले गांवों से हर वर्ष बाल विवाह की शिकायतें आती हैं। अभी शादी का सीजन शुरू होने वाला है। इसे देखते हुए प्रशासन का प्रयास है कि उसके पहले ही लोगों को जागरूक कर लिया जाए। इसलिए तैयारी शुरू कर दी गई है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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