राजनांदगांव। नईदुनिया प्रतिनिधि

शहरी सत्ता के लिए चुनावी सरगर्मी अब और तेज हो गई है, क्योंकि महापौर के संभावित दावेदारों के वार्डों में कांग्रेस-भाजपा दोनों ही राजनीतिक पार्टी के दिग्गज नेता घेराबंदी में जुट गए हैं। बाकी उम्मीदवारों की तुलना में दोनों दलों के नेता ऐसे वार्डों में ज्यादा जोर लगा रहे हैं। ताकि महापौर प्रत्याशियों के साथ ही विपक्षी दल के बड़े नेताओं को भी वहां उलझाकर रखा जा सके।

कांग्रेस व भाजपा एक-दूसरे के बड़े चेहरे वाले प्रत्याशियों के खिलाफ मोर्चाबंदी के लिए विशेष रणनीत पर काम कर रहीं हैं। ऐसी स्थिति महापौर पद के लिए संभावित महिला प्रत्याशियों के वार्डों में ही है। यानी तीन से चार वार्डों में दोनों पार्टी के नेता नजर टिकाए हुए हैं। खबर यह भी है कि इन वार्डों में कांग्रेस बूथ के साथ पार्टी के कार्यकर्ताओं की गतिविधियों की निगरानी करने वार्डों में अलग से टीम बैठा दी है। जिससे कार्यकर्ताओं पर भी नजर रखी जा सकें। उधर भाजपा के बड़े नेता भी लगातार महापौर पद के संभावित दावेदारों के वार्डों में बैठक लेकर घेराबंदी करने में लग गए हैं।

इन वार्डों में ही नेताओं की नजर

महापौर पद के आरक्षण के बाद से कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टी में संभावित दावेदारों का नाम सामने आ चुका है। कांग्रेस में वार्ड पांच की पार्षद प्रत्याशी हेमा देशमुख, वार्ड 16 से चुनाव मैदान में उतरी उम्मींदवार चंद्रकला देवांगन, वार्ड 23 से सुनीता फड़नवीस और वार्ड 45 से रोशनी सिन्हा का नाम महापौर के लिए संभावित माना जा रहा है। इसी तरह भाजपा में वार्ड 17 से चुनाव लड़ रही पूर्व महापौर शोभा सोनी और वार्ड 32 की प्रत्याशी पूर्व पार्षद मिथलेश्वरी वैष्णव व वार्ड 8 से चुनाव लड़ रही महापौर मधुसूदन यादव की बहू रंजू यादव का नाम महापौर के दावेदार के रूप में सामने आ चुका है। इसके कारण इन वार्डों पर ही पार्टी के दिग्गज नेताओं की नजर बनी हुई है।

कार्यकर्ताओं पर भी रख रहे नजर

कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टी से बगावत कर कई महिला नेत्री इस बार निकाय चुनाव के मैदान में उतर गई है। इसके कारण पार्टी के नेता बागी प्रत्याशियों के साथ अपने कार्यकर्ताओं की गतिविधियों पर भी नजर रख रहे हैं। खबर है कि कांग्रेस में ऐसी स्थिति ज्यादा है। क्योंकि पार्टी नेताओं की बैठक में कई बार कार्यकर्ताओं पर उंगली उठ चुकी है। लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बाद कई नेताओं ने कार्यकर्ताओं पर ही हार का ठिकरा फोड़ा था। यही वजह है कि निकाय चुनाव में कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं की निगरानी भी कर रहे हैं। ताकि कार्यकर्ता पार्टी के प्रत्याशियों के पक्ष में ही काम करें।

बागियों को भी नेता मनाने में लगे

महापौर पद के लिए संभावित दावेदारों के कुछ वार्डों में पार्टी से बागी होकर कई महिलाएं दावेदारी कर रही है। यह स्थिति वार्ड 5, 17, 45 में ज्यादा है। जिसके कारण कांग्रेस और भाजपा दोनों ही राजनीतिक दल के दिग्गज नेता व पार्षद प्रत्याशी बागी उम्मीदवारों को समझाने में लगे हैं। ताकि मुकाबला त्रिकोणीय की जगह सीधी टक्कर हो सकें। इन तीनों वार्डों में घमासान की स्थिति है। क्योंकि तीनों ही वार्डों में त्रिकोणीय मुकाबला है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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