राजनांदगांव (नईदुनिया प्रतिनिधि)। आइपीएल क्रिकेट में हाईटेक सट्टा के मामले लगातार पकड़े जा रहे हैं। इस सीजन में ऐसे चार बड़े मामले पुलिस पकड़ चुकी है, लेकिन इनमें मुख्य भूमिका वाले लोग मास्टर माइंड पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। किसी भी मामले में पुलिस तह तक नहीं पहुंच सकी है। 17 दिन पहले जिस बुकी राजा गिड़िया को दबोचा गया था, उसका नेटवर्क नागपुर जैसे बड़े शहरों से बताया जा रहा है। पेंड्री में पकड़ में आया चार लाख वाला मामला भी नागपुर से ही कनेक्ट हो रहा है, लेकिन पुलिस के हाथ अब तक ऐसा कुछ भी नहीं लगा है जिससे कि वह तह तक जा सके। शुरुआती कार्रवाई के बाद पुलिस शांत हो गई। इससे पूरा महकमा सवालों के घेरे में है।

अब तक पकड़े गए मामलों में सबसे खास बात हाईटेक तरीके से सट्टा चलाना है। लैपटाप व मोबाइल के जरिए लिंक भेजकर हर गेंद पर लाखों रुपये के दांव लगाए जाते रहे हैं। खुद को हाईटेक बताने वाली पुलिस के पास उन लिंकों को तलाशकर सट्टा किंग तक पहुंचने की फुरसत नहीं है। मंडी हाट बाजार वाले मामले में साइबर थाना रायपुर को सभी जरूरी चीजें भेजी जा चुकी है, लेकिन वहां से स्थानीय पुलिस को कोई भी तथ्य नहीं मिल पाए हैं। इस कारण खाईवालों का सरगना नहीं दबोचा जा सका है।

0 जांच की दिशा ही तय नहीं

पुलिस सट्टा तो पकड़ रही है, लेकिन उसके आगे की जांच के लिए कोई ठोस दिशा तय नहीं कर पा रही है। बुकी के साथ मिलकर कौन-कौन लोग लिंक शेयर करते थे? कहां से दांव की राशि आती व जाती थी? पुलिस को कुछ भी पता नहीं है। पेंड्री वाले मामले में आरोपितों के पास से 19 मोबाइल फोन व चार लैपटाप के अलावा तीन पेनड्राइव भी बरामद किया गया है। गंभीर बात यह है कि आरोपितों के पास से जब्त मोबाइल फोन में लगा सिम कार्ड दूसरे लोगों के नाम पर है। यानी सटोरिए कूटरचना कर सिम कार्ड का उपयोग कर रहे थे। अगर तह तक नहीं जाया गया तो पुलिस के हाईटेक होने का कोई औचित्य नहीं रह जाएगा।

0 दो प्रकरणों में कई समानताएं

आइपीएल में हाइटेक सट्टा के दो मामलों में काफी समानताएं हैं। गंज चौक वाले हाट बाजार से जिस बुकी राजा गिड़िया को दबोचा गया था, वह शहर के चौखड़िया पारा में रहता है। पेंड्री में जिन चार सटोरियों को एक दिन पहले दबोचा गया है, उनमें से एक आरोपित राकेश उमरे भी उसी मोहल्ले का रहने वाला है। हाट बाजार वाले हाईटेक सट्टा का मुख्य तार महाराष्ट्र के नागपुर शहर से जुड़ा माना जा रहा है। पेंड्री में पकड़ा गया सटोरिया गोविंद घोगारे भी वहीं का रहने वाला है। यानी राजा गिड़िया वाले मामले ही अगर पुलिस गंभीरता से जांच आगे ले जाए, तो कई बड़े खाईवालों के नाम सामने आ सकते हैं।

0 17 दिनों में चार मामले आ चुके सामने

आइपीएल के इस सीजन में सट्टा का पहला मामला सात अक्टूबर को अंबागढ़ चौकी थाना क्षेत्र के बांधाबाजार में पकड़ा गया था। 93 हजार रुपयों के साथ दो आरोपित मोबाइल फोन समेत धरे गए थे। दूसरा प्रकरण नौ अक्टूबर को सुंदरा में आया। वहां दो आरोपितों से 53 हजार रुपये, एक लैपटाप व दो मोबाइल फोन मिला था। तीसरे मामले में एक बुकी नवरतन उर्फ राजा गिड़िया पकड़ में आया था। 12 अक्टूबर को उसे गंज मंडी हाट बाजार में दो लाख रुपये व लैपटाप के साथ दबोचा गया था। चौथा मामला एक दिन पहले 24 अक्टूबर को अटल आवास पेंड्री में सवा चार लाख रुपये के साथ चार की गिरफ्तारी के रूप में सामने आया।

वर्जन....

हर एंगल से जांच

क्रिकेट में सट्टा इन दिनों आनलाइन ज्यादा चल रहा है। अब तक इनका लोकल कनेक्शन ही मिल पाया है। वैसे पुलिस इन मामलों में हर एंगल से जांच कर रही है।

एमएस चंद्रा, सीएसपी

Posted By: Nai Dunia News Network

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