राजनांदगांव(नईदुनिया प्रतिनिधि)। सरकारी प्रायमरी व मीडिल स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों व प्राचार्यों को आनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण की शुरुआत सोमवार से होगी। प्रशिक्षण शुरू होने के पहले शिक्षकों और प्राचार्यों के सामने नई समस्या खड़ी हो गई है। सरकारी स्कूलों में ऐसे कई पुराने शिक्षक व प्राचार्य हैं जो नये टेक्नोलाजी से अनजान हैं। ऐसे में उनके सामने प्रशिक्षण को लेकर कश्मकश है। पुराने जमाने के शिक्षकों व प्राचार्यों को आनलाइन प्रशिक्षण से कैसे जुडेंगे इसकी चिंता सता रही है।

बता दें कि कोरोना संक्रमण के दौरान शिक्षकों को आनलाइन पढ़ाई की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन कई शिक्षक टेक्नोलाजी के जानकारी के अभाव में बच्चों को पढ़ाई नहीं करा पाए थे। कई शिक्षक ऐसे हैं, जो सही तरीके से एंड्रायड मोबाइल भी आपरेट नहीं कर पाते हैं। इधर, स्कूल शिक्षा विभाग प्रायमरी व मीडिल स्कूल के शिक्षक व प्राचार्यों को आनलाइन प्रशिक्षण लेने का निर्देश जारी किया है।

0 दीक्षा एप में करना होगा पंजीयन

आनलाइन प्रशिक्षण लेने के पहले शिक्षकों व प्राचार्यों को दीक्षा एप में पहले पंजीयन कराना होगा, लेकिन पंजीयन प्रक्रिया काफी जटिल है। इसके चलते पुराने जमाने के शिक्षकों व प्राचार्यों की परेशानी बढ़ गई है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा कक्षा पहली से आठवीं तक के शिक्षक और शाला प्रमुखों को आनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा। भारत सरकार की गाइडलाइन अनुसार कक्षा पहली से आठवीं तक के समस्त शिक्षकों और शाला प्रमुखों को एनसीईआरटी द्वारा निर्धारित 18 माड्यूल पर निष्ठा आनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाना है।

0 इन पाठ्यक्रमों पर दिया जाएगा प्रशिक्षण

निष्ठा अंतर्गत शिक्षकों का आनलाइन पंजीयन दीक्षा पोर्टल पर प्रारंभ हुआ है। प्रत्येक 15 दिन में 3 माड्यूल पर प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा। इस प्रकार की सभी 18 माड्यूल के प्रशिक्षणों को तीन महीने में पूर्ण किया जाएगा। शिक्षक व प्राचार्यों को पाठ्यक्रम और समावेशी, सामाजिक-व्यक्तिगत योग्यता का विकास करना और सुरक्षित और स्वस्थ्य स्कूल वातावरण बनाना, स्कूलों में स्वास्थ्य और कल्याण, शिक्षण सीखने की प्रकिया में लिंग को एकीकृत करना, टीचिंग लर्निंग और असेसमेंट कोर्स में आइसीटी का एकीकरण, आर्ट इंटीग्रेटेड लर्निंग, स्कूल आधारित मूल्यांकन, पर्यावरण अध्ययन का शैक्षणिक, गणित का शिक्षाशास्त्र, सामाजिक विज्ञान का शिक्षाशास्त्र, भाषाओं का शिक्षण, विज्ञान का शिक्षाशास्त्र, स्कूल नेतृत्व, अवधारणा और अनुप्रयोग, स्कूल शिक्षा में पहल, प्री-स्कूल शिक्षा, पूर्व व्यावसायिक शिक्षा, कोविड-19 परिद्श्य-स्कूली शिक्षा में चुनौतियों का समाधान, अधिकार, बाल यौन शौषण और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद भी संबंधित शिक्षकों को निष्ठा अंतर्गत प्रशिक्षण पूर्णता का प्रमाण-पत्र के सफलतापूर्वक पूर्ण करने के उपरांत दीक्षा पोर्टल के माध्यम से जारी किया जाएगा। प्रत्येक मॉड्यूल के लिए भी पूर्णता प्रमाण पत्र दीक्षा पोर्टल के माध्यम से जारी किया जाएगा।

वर्सन

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा प्राचार्यों व शिक्षकों को दीक्षा पोर्टल पर आनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण का पहला चरण आज से शुरू होगा। शिक्षकों व प्राचार्यों को पोर्टल में पंजीयन कैसे करनी है उसकी संपूर्ण जानकारी दे दी गई है।

पीके पांडेय, संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा

Posted By: Nai Dunia News Network

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