राजनांदगांव(नईदुनिया प्रतिनिधि)। शहर से लगे पार्रीकला चौक में तेज रफ्तार ट्रेलर ने बाइक सवार प्राचार्य को रौंद दिया। हादसे में पार्रीकला निवासी प्राचार्य भाऊराम रामटेके (57) की मौके पर मौत हो गई। वहीं भाऊराम को बेटा संजय रामटेके (22) गंभीर रूप से घायल हो गया है। हादसे की खबर के बाद गुस्साएं ग्रामीणों ने हाइवे में चक्काजाम कर दिया। करीब तीन घंटे तक नेशनल हाइवे में जाम लगा रहा। इसके चलते करीब आठ किमी तक गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई। प्रशासनिक अफसरों के मौके पर पहुंचने के बाद भी ग्रामीण सड़क पर अड़े रहे। ग्रामीणों ने लगातार हो रहे हादसों का हवाला देते हुए सर्विस लेन की मांग की। वहीं क्रासिंग को भी चौड़ा और व्यवस्थित करने की मांग रखी। एसडीएम व अन्य अफसरों के आश्वासन के बाद ग्रामीण मान गए। प्रशासन ने रोड क्लीयर होने के बाद हाइवे में पार्रीनाला के पास क्रासिंग को व्यवस्थित कराया। जिससे रोड क्रास करने में परेशानी ना हो। इसके बाद शाम को दाह संस्कार से पहले ग्रामीण दोबारा हाइवे में शव रखकर बैठ गए। इसकी सूचना मिलते ही तत्काल कोतवाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों को समझाइश दिया, जिसके बाद ही ग्रामीण व रिश्तेदारों ने जाम खत्म किया।

मानपुर में पदस्थ थे मृतक भाऊराम : पार्रीकला गांव में रहने वाले भाऊराम रामटेके मानपुर ब्लाक के ग्राम बोरिया ठेकेदारी स्कूल में प्राचार्य थे। रोज की तरह स्कूल जाने के लिए ही निकले थे। तभी सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई। मृतक भाऊराम पार्रीकला की सरपंच के जेठ थे। ग्रामीणों की मांग पर प्रशासन ने पार्रीकला के मिडिल कट में क्रासिंग को व्यवस्थित कर चौड़ा कराया। ग्रामीण लंबे समय से हाइवे में क्रासिंग की मांग कर रहे थे। हादसा सुबह करीब सात बजे का है, जब पार्रीकला में रहने वाले प्राचार्य भाऊदास रामटेके अपने बेटे संजय के साथ मोटर साइकिल से स्कूल जाने के लिए राजनांदगांव बस स्टैंड जा रहे थे। तभी पार्रीनाला चौक पर दुर्ग की ओर से आ रहे ट्रेलर ने उनकी बाइक को ठोकर मार दी। हादसे में प्राचार्य भाऊराम की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं संजय गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे पेंड्री मेडिकल कालेज

अस्पताल में भर्ती कराने के बाद भिलाई रेफर किया गया। इधर ग्रामीणों के प्रदर्शन के चलते हाइवे में करीब आठ किमी तक गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई। तीन घंटे बाद सुबह करीब दस बजे ग्रामीणों ने चक्काजाम खत्म किया। इसके बाद रोड क्लीयर कराया गया। शाम को पोस्ट मार्टम के बाद शव गांव पहुंची। इसके बाद अंतिम यात्रा के दौरान ग्रामीण फिर रोड क्रास करते समय हाइवे में शव रखकर बैठ गए थे। हालांकि पुलिस की समझाइश के बाद ग्रामीण सड़क से हट गए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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