राजनांदगांव। कोरोना संक्रमणकाल गुजरने के बाद निजी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाई कराने गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले पालकों में होड़ मची हुई है। शिक्षा के अधिकार के तहत जिले के 316 निजी स्कूलों में गरीब

बच्चों के लिए 4500 सीटें आरक्षित हैं। निजी स्कूलों में इतनी ही आरक्षित सीटों पर बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। लेकिन शिक्षा विभाग के पास 5,200 से अधिक आवेदन जमा हैं।

22 मार्च से 15 मई तक पालकों से आनलाइन आवेदन मंगाए गए थे। बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने के लिए पालकों ने दनादन आवेदन किए। बता दें कि कोरोनाकाल में निजी स्कूलों में आरटीई के तहत कम आवेदन मिले थे। जिसके चलते 1900 सीटें खाली रह गई थी। इस बार आरटीई के तहत सभी आरक्षित सीटों पर बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। आरटीई के तहत 5200 से अधिक आवेदन आए हैं। जून के पहले सप्ताह में लाटरी के माध्यम से बच्चों को स्कूलों में सीट आवंटित कराई जाएगी। लाटरी चयन की प्रक्रिया रायपुर में होगी।

16 जून से मिलेगा प्रवेशः शिक्षा के अधिकार के तहत जिले के 316 स्कूलों में गरीब बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। इस बार तीन चरणों में प्रवेश दिया जाएगा। बता दें कि गत वर्ष मई माह से आवेदन शुरू होने के चलते कई बच्चे आवेदन से चूक गए थे। वहीं कई बच्चे जानकारी के अभाव में आवेदन नहीं कर पाए थे। जिसके चलते करीब 1900 सीटें खाली रह गई थी। निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए तीन से 15 जून तक लाटरी निकाली जाएगी। इसके बाद 16 से 30 जून तक प्रवेश लिया जाएगा। इसके बाद भी सीटें खाली रही तो एक से 15 जुलाई तक छात्रों का फिर पंजीयन किया जाएगा। 16 से 25 जुलाई तक दस्तावेजों की जांच की जाएगी। 27 जुलाई से दो अगस्त तक लाटरी निकाली जाएगी।

अभिभावकों में उत्साहः निजी स्कूलों में शिक्षा के अधिकार के तहत बच्चों को पढ़ाने पालकों में जमकर उत्साह है। आवेदन करने के बाद अभिभावक लाटरी का इंतजार कर रहे हैं। जून माह के पहले सप्ताह में लाटरी निकलने की संभावना है। इधर, शिक्षा विभाग आरटीई के तहत एक भी सीटें खाली न रह जाए, इसकों लेकर खास तैयारी की गई है। इस बार बच्चों को आरटीई के तहत तीन चरणों में प्रवेश दिया जाएगा। बता दें कि स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में कक्षा पहली से आठवीं तक लाटरी निकालकर बच्चों को सीटों का आवंटन कर दिया गया है।

जिम्मेदारों पर हो कारवाईं: छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पाल का कहना है कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा एक अप्रैल 2022 को एक आदेश जारी कर सभी स्वामी आत्मानंद स्कूलों में नर्सरी कक्षाएं शुरू करने का आदेश जारी कर समस्त कलेक्टर को इसकी

प्रारंभिक तैयारी कर आगामी शिक्षा सत्र में नर्सरी कक्षाएं प्रारंभ करने का निर्देश दिया है। जब सरकार को नर्सरी या एलकेजी की कक्षाएं आरंभ ही नहीं करना था तो फिर पालकों को मिथ्या जानकारी देकर गुमराह क्यों किया गया। पालकों को आवेदन फार्म क्यों बांटे गए। पाल ने कहा कि राज्य सरकार को जिम्मेदारी तय करना होगा और पालकों के साथ ऐसा बार-बार धोखाधड़ी करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close