राजनांदगांव। कमला कालेज के पास वाली विवादित दुकानों के आवंटन को लेकर भाजपा ने एक बार फिर सवाल उठाया है। शनिवार को प्रेसवार्ता लेकर भाजयुमो के जिलाध्यक्ष मोनू बहादूर सिंह व नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष किशुन यदु ने आरोप लगाया कि आवंटन जिला शहरी विकास अभिकरण (डूडा) की उस जिला चयन समिति के माध्यम से किया जाना था जिसके अध्यक्ष कलेक्टर हैं। महापौर परिषद ने आवंटन कर न केवल नियमों की धज्जियां उड़ाई, बल्कि कलेक्टर के अधिकारों का भी हनन किया है।

नगर निगम द्वारा कमला कॉलेज चौक में मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत 24 दुकानों का निर्माण कराया है। इनमें से 13 को आवंटन दे दिया गया है। अभी व्यवस्थापन के लिए पात्र नौ दुकानदारों को आवंटन बाकी है। भाजपा का आरोप है कि आबंटन की प्रक्रिया गलत है। पात्र हितग्राहियों को दुकानों का आबंटन न कर निगम प्रशासन द्वारा कुछ लोगों को फर्जी नोटिस जारी कर दुकानें सौंप दी गई। आबंटन के लिए षड़यंत्र कर पात्र ठहराए जाने की कोशिशें की गई। इसके अतिरिक्त जिन अवैध प्रक्रियाओं के तहत दुकानों का आबंटन किया गया है, वह सीधे तौर पर कलेक्टर के अधिकारों के हनन का विषय भी है।

इन सवालों का मांगा जवाब

प्रेसवार्ता में भाजपा नेताओ ने प्रशासन पर कुछ सवाल उठाए उन्होंने पूछा कि आवेदन मंगाने के लिए तिथि तय क्यूों नहीं की गई। पारदर्शी प्रक्रिया का पालन क्यूं नहीं किया गया। लॉटरी प्रक्रिया का भी पालन नहीं किया गया। (जिला चयन समिति के अनुमोदन के पूर्व ही दुकानों का आबंटन कैसे कर दिया गया? इसका जिम्मेदार कौन है ? चयन समिति के अनुमोदन के दूसरे ही दिन दुकानों की चाबियां कैसे सौंप दी गई? प्रेसवार्ता में वे भी व्यापारी आए थे जो दुकानों के लिए आवेदन लगाकर आवंटन का इंतजार कर रहे हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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