छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में पीएम आवास 2.0 के तहत तैयार हुआ पहला घर
प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 तहत छत्तीसगढ़ का पहला घर राजनांदगांव में बन कर तैयार हो चुका है। इस योजना के तहत बनने वाले नए घर 45 वर्ग मीटर में बनाए जा रहे हैं। जिसके लिए सरकार की ओर से 2 लाख 50 हजार रुपये की राशि प्रदान की जा रही है।
Publish Date: Sun, 30 Nov 2025 12:40:16 PM (IST)
Updated Date: Sun, 30 Nov 2025 01:07:45 PM (IST)
पीएम आवास 2.0 योजना के तहत पहला घर तैयारHighLights
- पीएम आवास 2.0 के तहत तैयार हुआ पहला घर
- राजनांदगांव के एक परिवार को मिला यह घर
- जिले में 736 नए आवासों की स्वीकृति मिली है
नईदुनिया प्रतिनिधि, राजनांदगांव: प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत छत्तीसगढ़ का पहला आवास राजनांदगांव में तैयार हो गया है। मोतीपुर की मधु वर्मा ने किराये के मकान से निकलकर अपना पक्का घर बनाकर न सिर्फ सपना पूरा किया, बल्कि जिले के साथ पूरे राज्य का गौरव भी बढ़ाया।
नगर निगम के अनुसार, पीएम आवास 2.0 के अंतर्गत यह प्रदेश का पहला पूर्ण आवास है। मधु वर्मा लंबे समय से दो बेटियों के साथ किराये के मकान में रह रही थीं। पति के निधन के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन पर आ गई। निजी स्कूल में रसोई सहायिका के रूप में कम आय में घर चलाने के साथ बच्चों की पढ़ाई-संवारने की चुनौती भी थी।
बड़ी बेटी सुजाता के रोजगार मिलने के बाद आर्थिक सहयोग मिला और इसी दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 की जानकारी मिली। मधु ने मोतीपुर में जमीन लेकर नगर निगम में आवेदन दिया और प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू किया। अब 45 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाला यह नया आवास तैयार है, जिसमें मधु अपने परिवार के साथ रहने लगी हैं।
उनका कहना है कि किराये के घर से निकलकर अपने आशियाने में प्रवेश जीवन का सबसे बड़ा सुख है। उन्होंने योजना के दूसरे चरण की शुरुआत और समय पर स्वीकृति के लिए आवास योजना टीम और नगर निगम का आभार व्यक्त किया।
पात्र परिवारों को मिल रहा अवसर: महापौर
महापौर मधुसूदन यादव ने बताया कि पीएम आवास योजना के पहले चरण में 2015 तक निवासरत पात्र परिवारों को लाभ दिया जाना था। लेकिन बड़ी संख्या में 2015 के बाद वाले जरूरतमंद आवास से वंचित रह गए थे। इन्हें लाभ देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 लागू की गई और पात्रता सीमा बढ़ाकर 31 अगस्त 2024 कर दी गई। इससे अब वे सभी परिवार आवेदन कर पा रहे हैं, जो पहले सूची से बाहर थे।
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राशि बढ़ी, क्षेत्रफल बढ़ा, अधिक लाभार्थियों को राहत
आयुक्त अतुल विश्वकर्मा के अनुसार, योजना में कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। पहले 30 वर्गमीटर में आवास बनाना अनिवार्य था, जिसे बढ़ाकर अब 45 वर्गमीटर कर दिया गया है। स्वयं की भूमि पर आवास निर्माण के लिए मिलने वाली राशि भी 2 लाख 26 हजार रुपये से बढ़ाकर 2 लाख 50 हजार रुपये कर दी गई है। आवास पूर्ण होने और समय पर गृह प्रवेश के बाद अतिरिक्त 32 हजार 850 रुपये भी दिए जाते हैं। राजनांदगांव नगर निगम को अब तक 736 नए आवासों की स्वीकृति मिली है।