राजनांदगांव(नईदुनिया प्रतिनिधि)। दो दिनों से लगातार हुई वर्षा ने शिवनाथ नदी के साथ सभी छोटे-बड़े नालों को बाढ़ में डूबा दिया है। नदी-नालों में बाढ़ के कारण वनांचल के दर्जनों गांव का संपर्क मुख्यालय से टूट गया है। ग्रामीणों का जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। वनांचल ही नहीं शिवनाथ नदी के किनारे बसे गांवों व निचली बस्तियां भी बाढ़ के कारण टापू बन गया है।

लगातार हुई तेज वर्षा के चलते जिले के मोंगरा, घुमरिया और सूखानाला बराज से दो दिनों में ढाई लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है, जिसके कारण ही शिवनाथ बौरा गया है। वनांचल के नदी किनारे गांवों की तरह शहर के मोहारा, सिंगदई व हल्दी वार्ड लबालब हो गया है। यहां बाढ़ में फंसे रहवासियों को नगर निगम ने सुरक्षित लाकर स्कूल भवन व सामुदायिक भवन में ठहराया है।

जिले के डोंगरगढ़ क्षेत्र के बोरतलाव और बागरेकसा के बीच पुलिस भी रौद्र रूप में है। बाढ़ बढ़ने के कारण पुलिया से लगे खेत में मकान बनाकर रहने वाले मानकर परिवार के आठ सदस्यों को पुलिस ने रेस्क्यू कर सुरक्षित जगह ठहराया गया है। हालांकि मंगलवार से मौसम खुल गया है। दिनभर धूप रही, जिससे बाढ़ का जलस्तर कम होने की संभावना है। इधर मौसम विभाग ने आने वाले बुधवार को हल्की बूंदाबांदी और गुरुवार को तेज वर्षा होने की आशंका जताई है।

पुलिस ने रेस्क्यू कर आठ सदस्यों को बाढ़ से निकाला

तेज बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर है। दो दिनों से वनांचल में लगातार वर्षा हुई। इसके कारण जिले के बोरतलाव क्षेत्र के भी नदी-नालों में बाढ़ आ गई। इस बाढ़ में बोरतलाव से बागरेकसा रोड स्थित नाला के निचले एरिया में अपने खेत पर घर बनाकर रह रहे धनराज मानकर के परिवार के आठ सदस्य फंस गए थे।

बोरतलाव पुलिस को बाढ़ में एक परिवार के फंसने की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी ओमप्रकाश ध्रुव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचें और बाढ में फंसे मानकर परिवार के आठ सदस्यों को रेस्क्यू कर सुराति बाहर निकाला। धनराज मानकर के साथ पत्नी रूण मानकर, संजू मानकर, योगेश, खोमेश्वरी, 13 वर्षीय धर्मेद्र व दस वर्षीय भूपेंद्र मानकर को पुलिस की टीम ने सुरक्षित जगह ठहराया है। पुलिस ने प्रभावितों के व्यवस्थापन की भी व्यवस्था की।

बाढ़ पीड़ितों से मिलने पहुंची महापौर

जिले के वनांचल क्षेत्रों के साथ शहर में शिवनाथ नदी के किनारे बसे वार्डों में भी बाढ़ का कहर बरसा है। मोंगरा-घुमरिया और सूखानाला से लगातार पानी छोड़ने के कारण शिवनाथ में बाढ़ अचानक बढ़ गई, जिसे शहर के सिंगदई, मोहड़, मोहारा व हल्दी के रहवासी समझ नहीं पाए। अचानक बढ़ी बाढ़ से बचने सिंगदई, मोहड़ व हल्दी के कई रहवासियों ने भागकर अपनी जान बचाई। कई परिवार मदद पहुंचने तक छत पर ही खड़े रहे।

बाढ़ बढ़ने की सूचना के बाद प्रशासन ने शहर में शिवनाथ नदी किनारे के वार्डों का भ्रमण किया और रेस्क्यू कर प्रभावितों को सुरक्षित बाहर निकाला। मंगलवार सुबह महापौर हेमा देशमुख, कलेक्टर डोमन सिंह व निगम आयुक्त् डा. आशुतोष चतुर्वेदी बाढ़ प्रभावितों से मिलने हल्दी, मोहड़, सिंगदई व मोहारा पहुंचें। महापौर हेमा ने बाढ़ प्रभावितों के ठहरने के साथ खाने-पीने की व्यवस्था कराई। प्रभावितों को स्कूल व सामुदायिक भवनों में ठहराया गया है।

वनांचल के दर्जनों गांवों से टूटा संपर्क

दो दिन हुई तेज वर्षा से वनांचल के दर्जनों गांवों का संपर्क मुख्यालयों से टूट गया है। नदी-नाले उफान पर होने से आवाजाही बंद हो गई है। जिले के अंबागढ़ चौकी, मोहला, मानपुर के साथ छुरिया, खैरागढ़ व छुईखदान ब्लाक के दर्जनों गांव का रास्त बाढ़ के कारण बंद है। नदी किनारे बसे गांव टापू बन गए हैं। निचली बस्तियां तक डूब गई है। मंगलवार को बारिश थमने के बाद वनांचल के ग्रामीणाों ने राहत की सांस ली। बाढ़ में किसानों की फसलें भी डूब चुकी है। जिससे किसानों की चिंता बढ़ी हुई है।

कल फिर तेज बारिश की संभावना

जिले में लगातार दो दिन हुई तेज वर्षा के बाद मंगलवार को मौसम खुल गया है। दिनभर मौसम खुला रहा। दो दिनों के बाद निकली धूप ने लोगों को राहत भी दी, लेकिन मौसम विभाग की मानें तो बुधवार को फिर से मौसम बदल सकता है। जिले के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है। मौसम विभाग ने यह भी संभावना जताई है कि गुरुवार को बंगाल की खाड़ी में दबाव पड़ने से राजनांदगांव जिले में भी तेज गरज चमक के साथ वर्षा हो सकती है।

Posted By: Pramod Sahu

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