राजनांदगांव। भगवान बुद्ध सुगत है, लोकविदु है। इस संसार में जो भी घटित हो रहा हैए हो चुका है, होने वाला है। भगवान बुद्ध उन सभी क्रियाओं का के लिए जानते है। इसलिए भगवान बुद्ध को लोकविदु कहा गया है। भगवान इस दुनिया के पहले वैज्ञानिक है जिन्होंने प्रतित्यसमुत्तपाद का सिद्धांत दिया। प्रज्ञा बुद्ध विहार, तुलसीपुर में आज की साप्ताहिक बुद्ध वंदना में नागपुर से पधारे भंते धम्मशील ने अपनी देसना में यह बातें बताई।

भदंत धम्मपाल ने सभी उपासकों को त्रिसरण पंचशील दिलाई। भंते धम्मप्रिय ने भगवान बुद्ध के जीवन प्रसंगों की देसना की। वंदना पश्चात समिति के वरिष्ठ सदस्य आयुष्मान दीपक कोटागले का सेवानिवृत्ति होने पर सम्मान किया। उपासक प्रवीण नोन्हारे ने बताया कि भगवान बुद्ध हर सुत्त में जीवन की समस्याओं से मुक्ति का सूत्र है। उन्होंने प्रथम सुत्त की व्याख्या की। बौद्ध कल्याण समिति तुलसीपुर अध्यक्ष के निर्देशन में रविवार को बुद्ध वंदना का संचालन हो रहा है।

उपासकों की उपस्थिति बढ रही है और भगवान बुद्धए बाबा साहब और बहुजन नायकों से परिचित हो रहे है।

विद्यार्थियों को शैक्षणिक-पाठ्योत्तर गतिविधियों को मिलेगा फायदा

राजनांदगांव। दिग्विजय कालेज और शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय

के बीच शैक्षणिक एवं अन्य पाठ्योत्तर गतिविधियों के संचालन के लिए एमओयू हुआ है।

दिग्विजय महाविद्यालय के प्राचार्य डा.केएल टांडेकर व शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय के डा.सुमन बघेल की उपस्थिति में एमओयू हुआ। एमओयू के द्वारा महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं निश्शुल्क उपरोक्त गतिविधिओं जैसे सेमिनार, काफ्रेंस, ट्रेनिंग, रिसर्च, स्किल डेव्हलोपमेंट, प्राजेक्ट, नवाचार रिसर्च प्रोजेक्ट, खेल विधाओं में सम्मिलित हो सकेंगे। प्राचार्य डा.केएल टांडेकर द्वारा इस प्रकार के एमओयू को महाविद्यालय तथा इसमें अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए बहुत लाभकारी बताया गया।

इस एमओयू के दौरान आइक्यूएसी प्रभारी दिग्विजय कालेज डा.केके देवांगन, शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय के आइक्यूएसी प्रभारी डा.निर्मला उमरे, रजिस्ट्रार दीपक परगनिहा, सहायक प्राध्यापक डा.एएन माखीजा मौजूद रहे।

पुण्यतिथि पर याद किए गए स्वामी विवेकानंद।

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ यूथ फार वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा स्वामी विवेकानंद की 120 वीं पुण्यतिथि मनाई गई। उनके चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। एसोसिएशन के प्रमुख रमेश गंगवानी ने कहा कि स्वामी जी ने अपने दर्शन में विश्व बंधुत्व की भावना को महत्व दिया। साथ ही गरीब के कल्याण को ही ईश्वर की सेवा माना न विवेकानंद ने सदैव लोगों को कर्मशील बने रहने के लिए प्रेरित किया तथा ऐसे शिक्षा पर बल दिया। जिससे विद्यार्थी का चरित्र निर्माण हो सके। स्वामी ने अंत समय में भी मानव की सेवा करके अपने प्राण त्याग किए थे एवं युवाओं ने नारा दोहराया वही देश समृद्ध शाली होगा जहां का युवा प्रभावशाली होगा। इस दौरान विकास साहू, प्रताप सोनी, रितेश सोनकर, कमल साहू, राहुल झा, गौरव पंजवानी व अन्य मौजूद रहे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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