डोंगरगढ़। पनियाजोब जलाशय में केज कल्चर प्रोजेक्ट को निरस्त करने को लेकर मत्स्य समितियों में विरोध शुरू हो गया है। आरोप है कि समितियों को दरकिनार करके चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाने की योजना है। शासन की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ समिति को न मिलकर अन्य लोगों को मिलेगा। जबकि पनियाजोब डैम को 10 साल के लीज पर ग्राम अंडी की जय बजरंग मत्स्य सहकारी समिति को दिया गया है। लेकिन वाटर में केज कल्चर प्रोजेक्ट को तीन लोगों के नाम से आवंटित किया जा रहा है। समिति ने केज कल्चर प्रोजेक्ट को रद करने के लिए मछली पालन विभाग के संचालक को पत्र लिखा है।

10 वर्ष के लिए आवंटित

पनियाजोब डेम 10 वर्षों के लिए अंडी की समिति को आवंटित हुई है। लेकिन केज कल्चर प्रोजेक्ट तीन व्यक्तियों को आवंटित किया जा रहा है। इससें समिति को आर्थिक नुकसान होगा। साथ ही चुनिंदा तीन लोगों को ही इसका लाभ मिलेगा। इसलिए इस प्रोजेक्ट को रद किया जाएं। 72 हेक्टेयर में फैले जलाशय में मछली पालन के लिए स्थानीय समितियों को लीज पर आवंटित किया जाता है। लेकिन केज कल्चर प्रोजेक्ट को अचानक तीन व्यक्तियों के नाम से आवंटित करने की योजना पर काम चल रहा है। इसलिए सहकारी समिति विरोध में उतर

विधायक प्रतिनिधि सहित दो अन्य के नाम

जय बजरंग मत्स्य सहकारी समिति अंडी के सदस्यों ने संचालक को किए गए शिकायत में डोंगरगांव विधायक प्रतिनिधि नाम का उल्लेख किया गया है। तीनों के नाम से लाखों रुपये के केज कल्चर प्रोजेक्ट को आवंटित किया जा रहा है। समिति का कहना है कि 10 वर्ष के लीज के बावजूद समिति को दरकिनार कर चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। इसलिए प्रोजेक्ट को ही निरस्त करनें की मांग उठ रही है। नगर पालिका क्षेत्र में पनियाजोब जलाशय का पानी पेयजल के लिए सप्लाई हो रही है। केज कल्चर प्रोजेक्ट शुरू होने से डैम का पानी भी दूषित होगा। क्योंकि केज कल्चर में मल, केमिकल, रासायनिक व यूरिया डैम के पानी में मिलेगा। इसी पानी को पेयजल के लिए सप्लाई किया जाएगा। जहरीली पानी पीने से बीमारी फैलनें की आशंका को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

स्वास्थ्य से खिलवाड़ नहीं किया जाएगा

अभी तक हमें संबंध में किसी तरह की जानकारी नहीं है। और न ही नगर पालिका में एनओसी के लिए किसी तरह का आवेदन आया है। मैं इस संबंध में पूरी जानकारी लेकर बताता हूं। शहर के लोगों की स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं किया जाएगा।

सुदेष मेश्राम, अध्यक्ष नपा डोंगरगढ़

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वर्जन

समिति को लीज पर मत्स्य पालन करने के लिए डैम दी गई है। जिन्होंने केज कल्चर के लिए उच्च कार्यालय में आवेदन किया था। उन्हें आवंटित की गई है। केज कल्चर लगने से पानी दूषित होने जैसे कोई बात नहीं है। पूरें प्राकृतिक तरीके से केज कल्चर में मछली पालन किया जाता है।

गीतांजलि गजभिये, उपसंचालक मत्स्य विभाग

Posted By: Nai Dunia News Network

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