राजनांदगांव। शिक्षा के अधिकार के तहत अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने का सपना देखने वाले पालकों की परेशानी बढ़ती कम होने का नाम नहीं ले रही है। शिक्षा विभाग का नया कारनामा सामने आया है।

आरटीई की दूसरी लिस्ट में तीन किमी से अधिक दूरी वाले बच्चों को सीटें आवंटित कर दी गई। जबकि आरटीइ का नियम तीन किमी के दायरे में आने वाले ही बच्चों को संबंधित स्कूल में सीट आवंटित करना है।

पार्रीकला समीप स्थित युगांतर पब्लिक स्कूल में तीन किमी दूर में निवास करने वाले बच्चों को सीटें आवंटित की गई है। पार्रीकला के पालकों ने इसकी शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी से की है। ऐसे ही मामले कुछ स्कूलों के और है।

कम दूरी के बजाय दूर वाले बच्चों को सीटें आवंटित किए जाने के बाद पालकों में आक्रोश है। पालकों ने मामले की गंभीरता से जांच कर संबंधित नोडल अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

पहले ही 40 फीसद सीटें खाली

शिक्षा के अधिकार के तहत जिले के निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के लिए 4504 सीटें आरक्षित हैं। जिसमें से 60 फीसद सीटें ही भर पाई हैं। 40 फीसद सीटें अब भी खाली पड़ी हुई है। खाली पड़ी सीटों को भरने विभागीय अफसरों ने कोई रुचि नहीं है।

जिसके चलते सीटें खाली रह गईं। पालकों ने बताया कि स्थानीय बच्चों को सीटें आवंटित न कर अधिक दूरी वाले बच्चों को सीटें आवंटित कर दी गई। शिक्षा विभाग के इस नये कारनामे ने पालकों की परेशानी बढ़ा दी है।

यह कहता है नियम

पालकों ने बताया कि आरटीइ के तहत तीन किमी के दायरे में आने वाले ही बच्चों को स्कूल में सीट आवंटित करना है। लेकिन नोडल अफसरों ने आवेदनों की जांच किए बिना ही सत्यापित कर दिया। जिसके चलते अधिक दूरी वाले बच्चों को प्राथमिकता मिल गई। पालकों ने बताया कि स्कूल में मोतीपुर वार्ड के बच्चों को सीटें आवंटित की गई है, जिसकी दूरी करीब पांच से छह किमी है।

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पालकों ने मामले की शिकायत की है। जांच कराई जाएगी। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।

आदित्य खरे, नोडल अधिकारी, आरटीइ

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Posted By: Nai Dunia News Network

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