राजनांदगांव(नईदुनिया न्यूज)। मितानिन दिवस पर मितानिनों का शाल व श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। वहीं मितानिनों द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की गई। सेवाभाव के प्रमाणों से पता लगता है कि मितानिन भी सेवा का ही एक पर्याय हैं। विशेषकर जन स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्ना मोर्चे पर मितानिन किसी सिपाही की तरह डटी हुई हैं।

मितानिन के सम्मान में जब मितानिन दिवस की बात आती है तो वह और भी गौरवान्वित होती हैं। मितानिन के सम्मान में जिले में भी मितानिन दिवस मनाया गया। इस मौके पर मितानिन के क्रिया-कलापों की प्रशंसा करते हुए उन्हें और भी बेहतर व प्रेरक कार्यशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया गया। जिले के मानपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में जिला समन्वयक (मितानिन) सुमन चौधरी ने कहा कि मितानिन अब समाज का प्रमुख अंग हैं।

कोई शहर में हो या फिर गांव में, स्वास्थ्यगत सरोकार के साथ मितानिन हर घर तक पहुंचती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में मितानिन स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार का सशक्त माध्यम बनी हुई हैं, जिसके सकारात्मक नतीजे लगातार देखने को मिल रहे हैं। जिला समन्वयक (मितानिन) सुधा देशमुख ने कहा कि मितानिन वह सेवाभावी महिला है, जो हमारे परिवार के स्वास्थ्य के बारे में पूरी जानकारी लेती हैं। वह सामान्य टीके व पोषण से संबंधित कार्यक्रम के साथ-साथ कोविड संक्रमण के दौर में भी प्रमुख योगदान देती आईं हैं। इसलिए मितानिन के सम्मान में जिले में मितानिन दिवस मनाया जा रहा है, जो गौरव का क्षण है।

स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ : मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा.मिथिलेश चौधरी ने बताया, ग्रामीण क्षेत्रों में मितानिन स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ की तरह हैं। मितानिन के निःस्वार्थ कार्यों से स्वास्थ्य विभाग को काफी सहयोग मिलता है। कई बार जहां पर विभाग के कार्यकर्ता नहीं पहुंच पाते, वहां पर मितानिन पारा व मोहल्ले तक पहुंचकर लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं देती हैं। आपातकालीन स्थिति में वह सेवा का पर्याय बनकर पीड़ित को स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने में भी हमेशा तत्पर रहती हैं, जो प्रशंसनीय है। मितानिन दिवस के अवसर पर वह निसंदेह सम्मान की हकदार हैं। मितानिन सुनीति तिवारी ने कहा, स्वास्थ्य सेवा पुण्य कार्य होता है, यह भाव हर किसी में होना चाहिए। मितानिन के रूप में हमें भी स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है जिसे पूरा करना हमारा पहला कर्तव्य है। गांव में स्वास्थ्य सुरक्षा से संबंधित सकारात्मक परिणाम मिलने पर हमारा उत्साह दोगुना हो जाता है, जिससे हमें और बेहतर कार्यशैली की प्रेरणा मिलती है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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