राजनांदगांव (नईदुनिया न्यूज)। शहर के आउटर क्षेत्र में मोहड़ में पानी के हर बूंद का उपयोग किया जा रहा है। वहां सिवेज ट्रीटमेंट प्लांट से फिल्टर किए गए पानी से नजदीकी खेतों में पानी की आवश्यकता की पूर्ति की जा रही है। नई टेक्नोलाजी के माध्यम से जल के हरसंभव उपयोग की यह तकनीक जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए एक अनूठा प्रयोग साबित हो रहा है। खास बात यह है कि संपूर्ण प्लांट स्काडा एवं पूर्ण आटोमेशन तकनीक से संचालित किया जा रहा है। जल का उपलब्धता एवं महत्व को समझते हुए पानी का अधिकतम उपयोग करने की सोच के अनुरूप किए गए कार्य के सार्थक परिणाम मिल रहे हैं। शासन की पहल पर मोहड़ स्थित वार्ड 51 में अमृत मिशन योजनांतर्गत नगर निगम द्वारा 6.2 एमएलडी क्षमता का सिवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनकर विगत तीन माह से सुचारू रूप से चल रहा है। नई टेक्नोलॉजी के माध्यम से जल के हरसंभव उपयोग की यह तकनीक जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए एक नया प्रयोग है।

लागत 12 करोड़ पांच लाख रुपये बताया गया कि 12 करोड़ पांच लाख रुपए की लागत से निर्मित प्लांट में शहर के गंदे नाले का पानी साफ किया जा रहा है। संपूर्ण प्लांट स्काडा एवं पूर्ण आटोमेशन तकनीक पर संचालित है। योजनांतर्गत उक्त नाले पर वियर बनाकर पानी का संग्रह किया जा रहा है। जहां से यह गंदा पानी पंपों के माध्यम से 3 किमी दूर मोहड़ वार्ड 51 में बने एसटीपी में पहुंचाया जाता है। एसबीआर टेक्नालाजी आधारित प्लांट में डिकेंटर, स्लज थिकनर मशीन के माध्यम से गंदे पानी को साफ किया जा रहा है। इसके बाद कीटाणु निसंक्रमण के लिए गैस क्लोरीनेशन का प्रयोग किया जा रहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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