छुईखदान(नईदुनिया न्यूज)। कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र द्वारा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कृषि शिक्षा दिवस का आयोजन किया गया। कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र के अधिष्ठाता डा.एनकेरस्तोगी ने छात्राओं को बताया कि भारत एक कृषि प्रधान देश है, यहां की आधी से ज्यादा जनसंख्या कृषि पर निभर्र है। उन्होंने कहा कि उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने के लिए नई तकनीकी शिक्षा की आवश्कता है। जिसकी पूर्ति के लिए उन्नात किस्मों के गुणवत्ता वाले बीज मुख्य आधार है। उन्होंने कृषि शिक्षा में प्रवेश के लिए होने वाली प्रक्रिया के बारे में अवगत कराया एवं कृषि शिक्षा लेने के बाद विभिन्ना प्रकार के कृषि से जुड़े क्षेत्रों में इंटरप्रोन्योरशिप स्थापित करने पर जोर दिया। जिससे वे न केवल अपना, अपने परिवार का अपितु समस्त समाज का जीवन स्तर ऊपर उठा सकते हैं।

महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डा.बीएस असाटी ने कृषि शिक्षा से संबंधित राजकीय एवं राष्ट्रीय शिक्षण एवं अनुसंधान केंद्रों के बारे में जानकारी दी। जिसमें वे प्रवेश लेकर कृषि शिक्षा को प्राप्त कर सकते हैं। जिससे नए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। छात्राओं को कृषि क्षेत्र में बेहतर भविष्य बनाने संबंधित कृषि क्षेत्र में संभावनाओं के बारे में बताया। उन्होंने बताया की कृषि शिक्षा के माध्यम से वे उन्नात कृषक, स्कूल एवं महाविद्यालय में शिक्षक, वैज्ञानिक, फारेस्ट्री, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग में अधिकारी, बैंकिग व निजी क्षेत्र में भी अपने ज्ञान के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभा सकते है। उन्होने छात्राओं को रोजगार देने वाला उद्यमी बनने के लिए प्रेरित किया। छुईखदान(नईदुनिया न्यूज)। कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र द्वारा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कृषि शिक्षा दिवस का आयोजन किया गया। कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र के अधिष्ठाता डा.एनकेरस्तोगी ने छात्राओं को बताया कि भारत एक कृषि प्रधान देश है, यहां की आधी से ज्यादा जनसंख्या कृषि पर निभर्र है। उन्होंने कहा कि उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने के लिए नई तकनीकी शिक्षा की आवश्कता है। जिसकी पूर्ति के लिए उन्नात किस्मों के गुणवत्ता वाले बीज मुख्य आधार है। उन्होंने कृषि शिक्षा में प्रवेश के लिए होने वाली प्रक्रिया के बारे में अवगत कराया एवं कृषि शिक्षा लेने के बाद विभिन्ना प्रकार के कृषि से जुड़े क्षेत्रों में इंटरप्रोन्योरशिप स्थापित करने पर जोर दिया। जिससे वे न केवल अपना, अपने परिवार का अपितु समस्त समाज का जीवन स्तर ऊपर उठा सकते हैं।

महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डा.बीएस असाटी ने कृषि शिक्षा से संबंधित राजकीय एवं राष्ट्रीय शिक्षण एवं अनुसंधान केंद्रों के बारे में जानकारी दी। जिसमें वे प्रवेश लेकर कृषि शिक्षा को प्राप्त कर सकते हैं। जिससे नए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। छात्राओं को कृषि क्षेत्र में बेहतर भविष्य बनाने संबंधित कृषि क्षेत्र में संभावनाओं के बारे में बताया। उन्होंने बताया की कृषि शिक्षा के माध्यम से वे उन्नात कृषक, स्कूल एवं महाविद्यालय में शिक्षक, वैज्ञानिक, फारेस्ट्री, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग में अधिकारी, बैंकिग व निजी क्षेत्र में भी अपने ज्ञान के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभा सकते है। उन्होने छात्राओं को रोजगार देने वाला उद्यमी बनने के लिए प्रेरित किया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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