राजनांदगांव। धान खरीदी, उसके परिवहन, मनरेगा से रोजगार व अन्य योजनाओं में अव्वल रहने वाला जिला अब गोबर खरीदी में भी प्रदेश में सबसे आगे निकल गया है। गोधन न्याय योजना के तहत जिले में 758962 क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है। वही 250071 क्विंटल वर्मी कंपोस्ट का निर्माण किया गया है। अब तक जिले में 177580 क्विंटल वर्मी कंपोस्ट का विक्रय किया जा चुका है।

यह आंकड़े गुरुवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में गोधन न्याय योजना, वर्मी कंपोस्ट उत्पादन एवं बिक्री की समीक्षा में कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने जिले के अधिकारियों से साझा की। कलेक्टर ने संयुक्त रूप से गोठान अंतर्गत कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, पशुधन, रेशम, हस्तशिल्प, हथकरघा, कृषि विज्ञान केंद्र, राष्ट्रीय आजीविका मिशन द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी जानकारी ली।

बैठक में कलेक्टर सिन्हा ने सभी को गोधन न्याय योजना के अच्छे क्रियान्वयन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना शासन की महत्वाकांक्षी योजना है और सभी सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गोबर खरीदी के कार्य में गति लाएं। गौठान में पहले चरण में समूह की महिलाओं के लिए कार्य स्थल, मल्टीएक्टिविटी सेंटर बनाएं गए और एक अधोसंरचना विकसित हुई। जिसका सुखद परिणाम यह रहा कि अब अंजोरा गौठान में समूह की महिलाओं द्वारा बनाया गया उत्पाद विदेश इटली भेजा जा रहा है। दूसरे चरण में गोबर खरीदी बढ़ाना है। साथ ही वर्मी कम्पोस्ट निर्माण तथा नए गौठानों में गोबर खरीदी एवं विभिन्ना गतिविधियां प्रारंभ करनी है। उन्होंने कहा कि वर्मी कंपोस्ट की गुणवत्ता आगे भी इसी तरह बनी रहनी चाहिए। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए युद्ध स्तर पर कार्य करने की जरूरत है। इसमें किसी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए।

सख्त कार्रवाई की चेतावनी दीः बैठक में कलेक्टर सिन्हा ने सभी गोठानों में गोधन न्याय योजना के तहत की जा रही गोबर खरीदी की गहन समीक्षा करते हुए कहा कि ऐसे गोठान जहां गोबर खरीदी में असंतोषजनक प्रगति रही है, वहां सचिव एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि गोठान को सक्रिय रखे एवं वहां समूह की महिलाओं को तेलघानी, मसाला निर्माण, राईस मिल, सब्जी-बाड़ी, मत्स्य पालन, मुर्गी पालन एवं अन्य गतिविधियों से जोडे के कार्य में तेजी लाए। उन्होंने मत्स्य पालन के लिए ऐसे गोठान जहां डबरी नहीं है, वहां बायो क्लॉक कल्चर के माध्यम से मत्स्यपालन करने के लिए कहा। उन्होंने सभी

एसडीएम को निर्देश देते हुए कहा कि इस मौसम में समूह की महिलाओं से व्यापक पैमाने पर आम के आचार बनवाएं। यह आचार शिक्षा, आदिवासी विकास विभाग व महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विक्रय किया जाएगा। उन्होंने खाद की उपलब्धता के संबंध में

जानकारी ली।

उन्होंने जैविक खाद उत्पादन एवं विक्रय की प्रगति, वर्मी कंपोस्ट उत्पादन में संलग्न महिला स्वसहायता समूहों के बैंक खाते में लाभांश राशि हस्तांतरण के संबंध में गोठानवार प्रगति एवं लंबित राशि की समीक्षा, आवर्ती चराई अंतर्गत स्वीकृत कार्यों को पूर्ण करना तथा आवर्ती चराई गोठान में गोधन न्याय योजना के क्रियान्वयन हेतु आवश्यक कार्रवाई के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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