राजनांदगांव। आंगनबाड़ी केंद्रों के रेडी-टू ईट फूड का वितरण पर डेढ़ माह से ब्रेक लगा हुआ है। जिसके चलते बच्चों को पोषण आहार नहीं मिल रहा है। जिले में 3000 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं। सरकार ने महिला समूहों से रेडी-टू-ईट का पोषण आहार वितरण बंद करा कर इसे बीज निगम द्वारा कराए जाने के आदेश जारी किया है। इसको लेकर पिछले माह न्यायालय ने भी सरकार के निर्णय पर मुहर लगा दी। लेकिन शुरुआत में भी इसकी व्यवस्था नहीं बन पाई है। पोषण आहार नहीं मिलने से सुपोषण अभियान में लड़खड़ाने लगा है। पोषण आहार आ चुका है। लेकिन वितरण नहीं हो पा रहा है। एक ओर शासन जोर शोर से सुपोषण अभियान चला रहा है। वहीं दूसरी ओर बच्चों को पोषण आहार नहीं मिल पा रहा है। डेढ़ माह से आंगनबाड़ी के बच्चों को पोषण आहार नहीं मिल पा रहा है।

वितरण को लेकर नहीं बना पाए व्यवस्थाआंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों व गर्भवती महिलाओं को वितरण के लिए पोषण आहार आ चुका है। लेकिन वितरण को लेकर अब तक व्यवस्था नहीं बन पाई है। परियोजना कार्यालयों में पोषण आहार डंप है। महिला समूहों को आंगनबाड़ी तक पोषण आहार पहुंचाने कहा गया है। लेकिन समूहों को आंगनबाड़ी तक पहुंचाने के लिए 200 से 250 रुपये अलग से चार्ज लगेगा। जिसके चलते पोषण आहार केंद्रों तक नहीं पहुंच पाया है। पोषण आहार नहीं मिलने के कारण कुपोषित बच्चों की संख्या भी तेजी से बढ़ने लगी है।

मिलने वाली सामग्री

एक नजर में

महिला एवं बाल विकास विभाग से मिली जानकारी के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से नौनिहालों को हर सप्ताह 750 ग्राम को रेडी टू-ईट दिया जाता है। जबकि प्रत्येक प्रथम और तीसरे मंगलवारको गर्भवती महिलाओं को 450 ग्राम रेडी-टू-ईट और शिशुवती महिलाओं को 900 ग्राम रेडी टू-ईट दिया जाता है। पोषण आहार के प्रत्येक 100 ग्राम में गेंहू 30 ग्राम,चना 20 ग्राम, फल्ली-पांच ग्राम, रागी-तीन ग्राम, शक्कर-27 ग्राम, ते-पांच ग्राम की मात्रा में रहती है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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