राजनांदगांव(नईदुनिया प्रतिनिधि)। समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी शुरू होने से पहले ही अन्नादाता आफत में पड़ गए हैं। किसानों को बारदाना लाने कहा जा रहा है। बारदाना लाने वाले किसानों को ही धान बेचने के लिए टोकन जारी होगा। इसको लेकर अन्नादाताओं की परेशानी बढ़ गई है। फसल मिंजाई के बाद अन्नादाता उपज बेचने के लिए अब बारदाना ढूंढने में लग गए हैं। किसानों को धान की मात्रा के आधार पर 25 प्रतिशत बारदाना लाने कहा गया है। विडंबना यह है कि बारदाना संकट को लेकर बाजार में इसके भाव बढ़ गए हैं। खुले बाजार में किसानों को बारदाना 25 से 35 रूपये में मिल रहा है, जबकि सरकार ने किसानों द्वारा लाए बारदानों की कीमत 18 रूपये निर्धारित की है। इसके चलते भी किसानों की चिंता बढ़ गई है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के सीईओ एसके वर्मा ने कहा कि सभी उपार्जन केंद्रों में बारदाना पहुंच गया है। मिलर्स से भी बारदाना मंगाएं हैं। किसानों को भी बारदाना लाने कहा गया है। सोमवार से सभी समितियों में किसानों को धान बिक्री करने के लिए टोकन जारी किया जाएगा।

महंगा पड़ रहा बारदाना

धान खरीदी के लिए बारदाना संकट को लेकर बाजार में इसकी कीमत दोगुनी हो गई है। मार्केट में बारदाना 15 से 20 रूपये में बिक रहा था, लेकिन धान खरीदी शुरू होने से पहले इसकी कीमत 25 से 35 रूपये हो गई है। किसानों को बारदाना बाजार में महंगा पड़ रहा है। लेकिन धान बिक्री के टोकन लेने के लिए किसान मजबूरी में नुकसान उठाने को तैयार हैं। राज्य सरकार ने किसानों के बारदानों की कीमत 18 रूपये निर्धारित की है।

सभी केंद्रों में तैयारी पूरी

समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारी सभी केंद्रों में पूरी कर ली गई है। जिले में कुल 145 उपार्जन केंद्र हैं। इसमें से छह केंद्र नए हैं। जहां किसानों की संख्या को देखते हुए समितियों ने पहले ही तैयारी पूरा करा ली है, लेकिन बारदाना इन केंद्रों में गिनती के हैं। पांच से सात सौ बारदाना ही नए केंद्रों में भेजे गए हैं, जो तीन से चार दिन के भीतर खत्म हो सकते हैं। इसके बाद केंद्रों में बारदाना कमी को लेकर खरीदी प्रभावित भी हो सकती है।

सोसायटी पहुंचे रहे किसान

फसल बेचने के लिए तैयार किसान अब सोसायटी पहुंच रहे हैं। हालांकि टोकन का वितरण सोमवार से शुरू होगा। लेकिन कई समितियों में किसान टोकन के नाम पर पहुंच रहे हैं। एक दिन पहले ही आधी रात को किसानों की भीड़ बेलगांव सोसायटी पहुंच गई थी। जहां सुरक्षा कर्मियों ने टोकन को लेकर जानकारी दी, जिसके बाद ही क्षेत्र के किसान वापस लौटे। इसी तरह जिले के कई सोसायटियों में किसानों की भीड़ लगातार पहुंच रही है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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