राजनांदगांव। नईदुनिया प्रतिनिधि

ऐन दिवाली से पहले बेमौसम बारिश ने अन्नदाताओं की परेशानी फिर बढ़ा दी है। पिछले दो दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश और बदली ने जिले के कई क्षेत्र की फसल को जमकर प्रभावित किया है, जिससे किसान चिंतित हो गए हैं। बेमौसम बारिश की मार धान के साथ सोयाबीन की फसल पर पड़ी है। बड़ी बात यह है कि सीजन में कमजोर बारिश के बाद भी अन्नदाताओं ने सूखे की चपेट से बचाकर फसल को तैयार किया है।

दिवाली पर्व को लेकर किसान फसल की कटाई-मिंजाई की तैयारी में थे, लेकिन ऐन मौके पर बेमौसम बारिश ने किसानों की तैयारी पर पानी फेर दिया। दो दिनों से हो रही बारिश के चलते धान की फसल खेत पर ही गिर गई है। वहीं सोयाबीन की फसल से भी दाने गिरने की खबर है। इसको लेकर किसान ऐन त्योहारी सीजन को लेकर चिंतित हो गए हैं। 0 देर रात तक झमाझम बारिशबीते तीन दिनों से मौसम बदला हुआ है। रूक-रूककर कई हिस्से में बारिश हो रही है। बीती रात को भी जिले के कई ब्लॉकों में देर रात तक बारिश हुई। बेमौसम इस बारिश के कारण खेतों में किसानों की खड़ी फसल खराब हो गयी है। ज्यादातर क्षेत्र में धान की खड़ी फसलें तेज हवा और बारिश में खेतों पर ही गिर गई है। वहीं सोयाबीन की तैयार फसल से बीज भी खेतों में बारिश में गिर गए। इसके अलावा लाखड़ी, रहल व अन्य फसलों को भी बिगड़े मौसम से नुकसान हुआ है। यही कारण है कि किसान की परेशानी दोगुणी हो गई है।

सरकार से करेंगे मुआवजे की मांग

जिला किसान संघ के सूत्राधार व अंचल के किसान सुदेश टीकम ने बताया कि शुरुआत में किसान कमजोर बारिश से परेशान हुए। जैसे-तैसे किसानों ने फसल तैयार किया, उसमें अब मौसम की मार पड़ गयी।

जिससे किसानों की धान व सोयाबीन की फसल को काफी नुकसान हुआ है। पिछले दो-तीन दिनों से जिले के कई हिस्सों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। बदली व कोहरे के कारण भी तैयार फसल पर नमी आने की शिकायत है। वहीं सोयाबीन की फसल पर कठुआ कीट के प्रकोप की संभावना बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि जिले में बारिश की कमजोर स्थिति को लेकर पहले ही किसान संघ सूखा घोषित की मांग कर चुका है, लेकिन वर्तमान में बेमौसम बारिश में बर्बाद फसल के लिए सरकार से मुआवजे की मांग करेंगे।

टूटा बांध का गेट, बाढ़ में फसल भी बह गई साल्हेवारा से लगे बहराखार बांध का गेट टूटने से क्षेत्र में बाढ़ आ गई, जिसमें किसानों की खड़ी फसल तक बह गई। खबर है कि किसानों को सिंचाई के लिए पानी देने बांध का गेट खोला गया था। रविवार को गेट बंद करते समय वाल्व में तकनीकी खराबी आ गई, जिससे बांध का पूरा पानी गेट से होकर खेतों में बह गया। इसका सीधा असर गंडई-साल्हेवारा से लगे भीमभोरी व उसरवाही के किसानों पर पड़ा। क्षेत्र के अन्नदाताओं की खड़ी फसल बाढ़ में बह गई। यही नहीं जो किसान कटाई कर खेतों में फसल छोड़े थे, उनकी कटी फसल तक बांध के बहाव में बह गई। ऐन दिवाली से पहले किसानों पर आयी संकट को लेकर अन्नदाता परेशान हो गए हैं।

'इस मौसम में सोयाबीन की फसल ज्यादा प्रभावित हुई है। धान की फसल को भी बारिश होने से नुकसान हुआ है। ऐसे मौसम में किसानों को सावधानी रखने की जरूरत है। खेतों में कहीं भी बारिश का पानी भराव न होने दें।'

-अश्वनी बंजारा,

उपसंचालक, कृषि विभाग

Posted By: Nai Dunia News Network