राजनांदगांव। नईदुनिया प्रतिनिधि

एमआर पुलकेश साहू की मौत के मामले में शुक्ला मल्टी स्पेशलिटी हास्पिटल प्रबंधन घिरता जा रहा है। डाक्टरों पर पहले ही इलाज में लापरवाही का आरोप है और अब प्रबंधन पर साक्ष्य छुपाने का आरोप लग रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि प्रबंधन ने पुलकेश साहू की जिस दिन मौत हुई, उस दिन की सीसीटीपी फूटेज डिलीट कर दी है। सोमवार को एसडीएम मुकेश रावटे ने हास्पिटल से जब्त हार्ड डिस्क से फूटेज बैकअप लेने टेक्निशियन बुलाकर जांच कराई, लेकिन इसमें भी फूटेज बैकअप नहीं मिला। मामले पर एसडीएम ने हास्पिटल के डाक्टरों को जमकर फटकार लगाई और तीन दिन के भीतर घटनाक्रम वाले दिन की फूटेज जमा कराने के निर्देश दिए हैं। यही नहीं एसडीएम ने प्रबंधन को नोटिस जारी कर चेतावनी दी है कि अगर फूटेज नहीं ला पाए तो साक्ष्य छुपाने के मामले में कानूनी कर्रावाई की जाएगी।

डॉक्टरों को पड़ी लताड़

एसडीएम न्यायालय में सोमवार को शुक्ला मल्टी स्पेशलिटी हास्पिटल के डाक्टर अमित मोदी का बयान तक रिकार्ड किया गया, जो घटनाक्रम वाले दिन ड्यूटी पर थे। पूछताछ के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि नर्सिंग एक्ट के तहत हफ्तेभर का फूटेज ही रखते हैं। बाकि फूटेज डिलीट हो जाता है। डाक्टरों ने रिसाइकल बिन से फूटेज को डिलीट करने की जानकारी दी, जिससे नाराज एसडीएम ने डॉक्टरों को जमकर फटकार लगाई।

परिजनों के सामने दिए निर्देश

टेक्निशियन द्वारा हार्डडिस्क से फूटेज बैकअप नहीं लेने के बाद एसडीएम ने पुलकेश के परिजनों के सामने हास्पिटल के डाक्टरों को हार्डडिक्स लौटा दिया। एसडीएम ने डाक्टरों को साप्टवेयर कंपनी या उच्च टेक्निशियनों से फूटेज बैकअप कराकर तीन दिन के भीतर बीते 26 सितंबर की शाम छह बजे से 27 सितंबर की सुबह 11 बजे तक की सीसीटीवी फूटेज उपलब्ध कराने निर्देशित किया है। ताकि फूटेज के माध्यम से घटनाक्रम की जांच की जा सकें।

मामले में हास्पिटल के डायरेक्टर डा. प्रतीक कौशिक के मोबाइल फोन 89668 80522 पर लगातार संपर्क किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं करने की वजह से खबर में उनका पक्ष नहीं लिखा जा सका।

Posted By: Nai Dunia News Network