राजनांदगांव। नईदुनिया प्रतिनिधि

दस हजार के बदले तीस हजार रुपये का नकली नोट खपाने का लालच देकर ठगी करने वाले एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वहीं फरार एक आरोपित की तलाश में पुलिस जुट गई है। मामला बीते 19 अक्टूबर का है। जब चिखली शिवनगर निवासी संजय व विक्की नायडू दोनों भाई से खैरागढ़ निवासी नरेंद्र पिता रामअवतार वर्मा की मुलाकात हुई थी। दोनों आरोपित भाई के साथ प्रार्थी नरेंद्र ने बैठकर शराब पीया, तभी आरोपित दोनों भाई ने प्रार्थी से कहा कि अगर दस हजार रुपये लाओगे तो तुम्हें तीस हजार रुपये का नकली नोट देंगे। आरोपी संजय ने एक सौ रुपये का नोट निकाल कर खर्च भी किया, जिससे प्रार्थी को विश्वास हो गया। उसने तुरंत अपने दोस्त जितेंद्र वर्मा की गाड़ी गिरवी रखकर 15 हजार रुपये संजय को दिए। दूसरे दिन 20 अक्टूबर को प्रार्थी ने फिर घर से 35 हजार रुपये लाकर आरोपित विक्की नायडू को दिया। रूपये लेने के बाद विक्की ने सोमवार को प्रार्थी को अपने घर बुलाया था। प्रार्थी नरेंद्र अपने दोस्त जितेंद्र के साथ विक्की के घर पहुंचा तो उसने एक कार्टून का डिब्बा दिया और उसे घर में खोलने की बात कही। उसी बीच खैरागढ़ का धर्मेश वर्मा विक्की के घर पहुंचा, जिसे देख विक्की और संजय पीछे दरवाजे से भाग गए। पुलिस ने बताया कि आरोपित भाइयों ने धर्मेश से भी 40 हजार रुपये लिया था और उसे एक लाख 20 हजार रुपये लेने घर बुलाया था। उसी समय प्रार्थी नरेंद्र ने जब डिब्बा खोलकर देखा तो उसमें एक रुपये भी नहीं था। इसके बाद ही प्रार्थी ने चिखली पुलिस चौकी में आरोपित संजय व विक्की नायडू के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज कराया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल टीम बनाई और घेराबंदी कर शहर में ही आरोपी संजय पिता राकेश तिवारी को गिरफ्तार किया। विक्की नायडू फरार है। पुलिस उसकी पतासाजी में लगी हुई है।

्रर्श ×चचियचिॅर झाअनीृळअर्ैिहीखैजिा ॅचचिरुपये तीन गुणा करने का लालच, एक आरोपी गिरफ्तार राजनांदगांव। नईदुनिया प्रतिनिधि

दस हजार के बदले तीस हजार रुपये का नकली नोट खपाने का लालच देकर ठगी करने वाले एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वहीं फरार एक आरोपित की तलाश में पुलिस जुट गई है। मामला बीते 19 अक्टूबर का है। जब चिखली शिवनगर निवासी संजय व विक्की नायडू दोनों भाई से खैरागढ़ निवासी नरेंद्र पिता रामअवतार वर्मा की मुलाकात हुई थी। दोनों आरोपित भाई के साथ प्रार्थी नरेंद्र ने बैठकर शराब पीया, तभी आरोपित दोनों भाई ने प्रार्थी से कहा कि अगर दस हजार रुपये लाओगे तो तुम्हें तीस हजार रुपये का नकली नोट देंगे। आरोपी संजय ने एक सौ रुपये का नोट निकाल कर खर्च भी किया, जिससे प्रार्थी को विश्वास हो गया। उसने तुरंत अपने दोस्त जितेंद्र वर्मा की गाड़ी गिरवी रखकर 15 हजार रुपये संजय को दिए। दूसरे दिन 20 अक्टूबर को प्रार्थी ने फिर घर से 35 हजार रुपये लाकर आरोपित विक्की नायडू को दिया। रूपये लेने के बाद विक्की ने सोमवार को प्रार्थी को अपने घर बुलाया था। प्रार्थी नरेंद्र अपने दोस्त जितेंद्र के साथ विक्की के घर पहुंचा तो उसने एक कार्टून का डिब्बा दिया और उसे घर में खोलने की बात कही। उसी बीच खैरागढ़ का धर्मेश वर्मा विक्की के घर पहुंचा, जिसे देख विक्की और संजय पीछे दरवाजे से भाग गए। पुलिस ने बताया कि आरोपित भाइयों ने धर्मेश से भी 40 हजार रुपये लिया था और उसे एक लाख 20 हजार रुपये लेने घर बुलाया था। उसी समय प्रार्थी नरेंद्र ने जब डिब्बा खोलकर देखा तो उसमें एक रुपये भी नहीं था। इसके बाद ही प्रार्थी ने चिखली पुलिस चौकी में आरोपित संजय व विक्की नायडू के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज कराया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल टीम बनाई और घेराबंदी कर शहर में ही आरोपी संजय पिता राकेश तिवारी को गिरफ्तार किया। विक्की नायडू फरार है। पुलिस उसकी पतासाजी में लगी हुई है।

Posted By: Nai Dunia News Network