राजनांदगांव। नईदुनिया प्रतिनिधि

भारतीय वन कानून में हो रहे संसोधन के विरोध के साथ अन्य कई मांगों को लेकर 11 नवंबर को जिले के वनांचल क्षेत्र के आदिवासी मानपुर से राजधानी रायपुर तक पदयात्रा करेंगें। रविवार को प्रेसवार्ता कर सीएल चन्द्रवंशी ने बताया कि लड़ाई का मूल उद्देश्य वन में रहने वाले लोगों को वनाधिकार के साथ पट्टा दिलाना है। हाल ही में केन्द्र सरकार भारतीय वन कानून में संसोधन बिल ला रही है जिसके अनुसार डीएफओ को भी वन रक्षा के लिए गोली तक चला देने का अधिकार होगा। इसके अलावा और भी कई ऐसे संसोधन किए जा रहे हैं। जिससे वनांचल क्षेत्र में रहने वाले लोगों से उनका मूल अधिकार छीना जा सकता है। 2006 में मान्यता कानून लागु लाया गया 2008 में उसे लागु भी किया गया। लेकिन पट्टा देने का काम पूरा होने से पहले ही स्थगन किया जा चुका है। इसेके बाद एक बार फिर वन कानून में संसोधन किया जा रहा है।

हर घर से एक किलो चावल, दस रूपयेः प्रेसवार्ता में दावा किया गया कि आंदोलन में वनांचल क्षेत्र के सभी परिवार से कम से एक व्यक्ति भाग लेगा। पैदलयात्रा में भाग लेने हर एक घर से एक किलो चावल के साथ 10 रुपये सहयोग राशि के रूप में लिए जाएंगे। रामजी कंवर के बताया कि केन्द्र व राज्य की सरकार वन कानून में संसोधन कर जंगलों से आदिवासियों को हटाकर वहां भी इंडस्ट्री लगाना चाहती है।

15 को पहुंचेंगें राजनांदगांव

11 नवंबर से पद यात्रा शुरु होकर 12 को चौकी, 13 को डोंगरगांव, 15 को राजनांदगांव पहुंचने पर विभिन्न आदिवासी परंपरा के नृत्य आदि भी करवाए जाएगें। पदयात्रा 18 को रायपुर पहुंचकर राज्यपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेंगें।

Posted By: Nai Dunia News Network