डोंगरगांव(नईदुनिया न्यूज)। नगर में अतिक्रमण का खेल जोरों पर चल रहा है। चारों दिशाओं में कब्जेधारियों की नजर है। इसमें ऐसे कई लोग हैं, जो कब्जा कर शासकीय भूमि को बेचने की जुगत में भी है। ज्यादातर अतिक्रमण नगर के ही नामी लोगों ने किया है। इसमें कई तो अतिक्रमण कर दूसरों को बड़े दाम पर बेच तक चुके हैं। जिसके बाद भी अभी तक शासन-प्रशासन द्वारा ना तो कोई बड़ी कार्रवाई की गई है और ना ही शासकीय जमीन को बचाने कोई अभियान चलाया जा रहा है।

शिकायत के बाद खानापूर्ति के लिए नगर पंचायत की टीम रविवार को मौक्े पर पहुंची और छोटी मोटी कार्रवाई कर लौट गई। करियाटोला में शासकीय जमीन पर पत्थर की दिवाल बनाकर कब्जा किया था, जिसे जेसीबी से तोड़कर उसे मुक्त किया। साथ ही पत्थर व ईंट को जब्त किया। इस कार्रवाई में सीएमओ नगर पंचायत आरबी तिवारी, इंजीनियर प्रमेश ध्रुव, गिरीश साहू, पटवारी नीरज तिवारी, पटवारी अजय राणा, पटवारी नीरज द्विवेदी के साथ पुलिस व नगर पंचायत के कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

कब्जा ही तोड़कर की वापसी

नगर पंचायत सीएमओ आरबी तिवारी ने बताया कि करियाटोला में शासकीय जमीन पर अवैध निर्माण की सूचना मिलने पर उन्हें तोड़ने की कार्रवाई की गई है। कार्रवाई के दौरान सीएमओ को शिकायतकर्ताओं ने शासकीय जमीन पर कब्जाकर बनाए गए पक्के मकान, पक्के बाउड्रीवाल व तालाब के किनारे किए कब्जे को दिखाया गया। जिस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। जबकि मौके पर उपस्थित करियाटोला के पटवारी नीरज तिवारी ने बताया कि हमारे रिकार्ड में इनकी कोई जानकारी नहीं है। ये किसका कब्जा है इसकी भी जानकारी नहीं है। वहीं उपस्थित वार्डवासीयों ने बताया कि इसमें से एक कब्जा तो एक पटवारी का है। जो बाहर नौकरी करता है। फिर भी कार्रवाई करना छोड़ नपं की टीम वापस लौट आयी।

जांच की उठ रही मांग

नगर में कई लोगों को लंबे समय से कब्जा कर निवास करने वालों को शासन के ओर से पट्टा जारी किया गया है। पर कई लोगों ने पट्टे में मिले जमीन से कहीं अधिक कब्जा कर शासकीय जमीन पर अपना अधिकार जमा लिया है। कई कब्जाधारियों ने पट्टा मिलने के बाद अपने जमीन को दूसरों को बेच दिया है, जबकि शासकीय जमीन को पट्टा मिलने के बाद भी किसी अन्य को बेचने की अनुमति नहीं होती। इसके बाद भी अधिकारियों व पट्टाधारियों की मिलीभगत के चलते यह आम हो गया है। करियाटोला एरिया में मुख्य मार्ग शासकीय जमीन पर कब्जा कर कई लोग वहां अपना व्यवसाय चला रहें है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को व्यवसाय के लिए पट्टा जारी नहीं किया गया है।

इस मामले में तहसीलदार कोमल सिंह ध्रुव ने कहा कि पट्टा जारी होने के बाद भी पट्टाधारी अपनी कब्जे वाली जमीन को किसी अन्य व्यक्ति को नहीं बेच सकते है। इस पर उनके उपर कार्रवाई कर आबादी भूमि के आवंटन की प्रक्रिया निरस्त की जाएगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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