राजनांदगांव । मानसून की कमजोर शुरुआत के बाद इन दिनों अंतराल में हो रही अच्छी बारिश से जलाशयों में लबालब पानी भर गया है। आषाढ़ के अंतिम दिनों में ही प्रमुख जलाशयों में 60 प्रतिशत से अधिक पानी भर चुका है। हालांकि खंड वर्षा के कारण तीन मंझोले जलाशयों में अब तक अपेक्षित जलभराव नहीं हो सका है। बीते वर्ष इसी अवधि में इन जलाशयों में क्षमता की तुलना में आधा जलभराव भी नहीं हुआ था।

जिले के सबसे बड़े जलाशय पिपरिया की क्षमता 40.56 मिलियन घन मीटर की है। अब तक वहां 25.88 मिलियन घन मीटर पानी भर चुका है। वहां वर्तमान में जलभराव का प्रतिशत 63.81 है। दूसरे सबसे बड़े बराज मोंगरा में 32.05 क्षमता के विरूद्ध अभी 14.07 प्रतिशत ही पानी भर सका है। मटियामोती जलाशय में 18.2 मिघन मीटर तक जलभराव है। वहां की क्षमता 26.48 मिघमी है। यानी अभी 69.18 प्रतिशत पानी भरा है। सूखानाला बराज की क्षमता 11.73 है। हाल की बारिश के बाद अभी वहां करीब 13 प्रतिशत जलभराव हुआ है। इसी तरह मड़ियान जलाशय की क्षमता 11.59 के विरूद्ध 63 फीसद पानी है। वहां अभी 7.30 मिघमी पानी भरा हुआ है। रूसे जलाशय में करीब 70 प्रतिशत जलभराव है। क्षमता 9.18 की है और पानी भरा है 6.35 मिघमी।

मोंगरा बराज से छोड़ना पड़ा पानीः अंबागढ़ चौकी ब्लाक के मोंगरा बराज में जलभराव तेजी से हो रहा है। पिछले दो दिनों की बारिश में बराज में क्षमता से करीब 50 प्रतिशत पानी भर गया। वर्तमान में वहां 61 प्रतिशत पानी भरा है। इसके बाद ऐहतियातन वहां से छह हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। यानी हर सेकंड छह हजार क्यूबिक पानी गेट के माध्यम से बहाया जा रहा है। बताया गया कि शनिवार रात तक वहां 4.51 मिलियन घन मीटर ही पानी भरा था। यह क्षमता का मात्र 14.7 प्रतिशत ही है। सोमवार रात तक जलभराव 61.02 प्रतिशत हो गया। इस कारण नहर के माध्यम से पानी बहाया जा रहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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