कोंटा। नईदुनिया न्यूज

सोमवार रात आंध्रप्रदेश से 11 प्रवासी मजदूर पैदल चलकर यहां पहुंचे। उनके पास खाने का पैसा था न ही किराया के लिए। उन्होंने बताया कि एक महीने पहले ठेकेदार ने काम दिलाने के नाम पर आंध्रप्रदेश ले जाकर बिहार के 52 मजदूरों को फंसा दिया। उन्हें बंद गाड़ी में ले जाया गया। वहां 16 से 18 घंटे तक काम कराया जाता था। ठेकेदार न तो पैसे देता था और न ही खाना। सिर्फ दो आलू और पानी के सहारे मजदूर दिन काट रहे थे। आखिरकार तंग आकर मजदूर लड़ाई- झगड़ा कर वहां से भाग निकले। मजदूरों ने बताया कि उनका आधार कार्ड तक ठेकेदारों ने अपने पास जब्त कर लिए हैं। खाली हाथ पहुंचे मजदूरों के भोजन की व्यवस्था अनुविभगीय अधिकारी हिमांचल साहू ने देर रात करवाई। मंगलवार को मजदूरों को अपने व्यक्तिगत खर्चे पर बिहार के लिए रवाना किया। मजदूरों ने अनुविभागीय अधिकारी का आभार माना है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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