सुकमा। आबकारी एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा की अध्यक्षता में गुरुवार को संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिले में संचालित विभागीय योजनाओं की समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि ग्राम रेगड़गट्टा में सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य आदि की उपलब्धता पर प्राथमिकता से कार्य करें। उन्होंने कोंटा क्षेत्र में आई बाढ़ के दौरान लोगों को जल्द राहत पहुंचाने और हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन सहित जनप्रतिनिधियों और पुलिस विभाग की प्रशंसा करते हुए कहा कि कोंटा में आयी बाढ़ भीषण थी। स्थानीय निवासियों को समय पर मदद मिली और कोई हताहत नहीं हुये। उन्होंने कहा कि कोंटा में हुए क्षति का आंकलन पश्चात मुआवजा राशि हितग्राहियों के बैंक खाते में ट्रांसफर करें।

बीते दिनों सुकमा, छिंदगढ़, दोरनापाल में भी बाढ़ की स्थिति निर्मित हुए थी। जिसमें छिंदगढ़ ब्लाक के कुद गांव के ग्रामीणों को आंशिक या पूर्ण मकान क्षति हुई है, इसका तत्काल आंकलन करवाकर आर्थिक सहायता प्रदान करें। उन्होंने कलेक्टर हरिस एस.को जमीनी स्तर के सभी अधिकारी व कर्मचारियों को फील्ड में रहने हेतु निर्देशित करने को कहा, ताकि किसी भी प्रकार की क्षति का आकलन जल्द से जल्द किया जा सकें। इसके साथ ही छिन्दगढ़ ब्लाक में क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलिया का शीघ्र मरम्मत करवाने निर्देशित किया।

रेगड़गट्टा में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता को दें प्राथमिकता

मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि ग्राम रेगड़गट्टा में सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य आदि की सुविधाओं पर प्राथमिकता से कार्य करें। उन्होंने रेगड़गट्टा में सड़क निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर प्रस्तुत करने को कहा। इसके साथ ही गांव में विद्युतीकरण का कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रेगड़गट्टा के निवासियों में व्यवहार परिवर्तन आवश्यक है, इसके लिए सभी विभाग मिलजुल कर प्रयास करें। उन्होंने गांव में सतत रुप से स्वास्थ्य शिविर संचालन करने को कहा। जले में खाद-बीज, वर्मी खाद भंडारण एवं उठाव का संज्ञान लिया। जिले में मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना, धान के बदले अन्य फसल की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने स्थानीय अधिकारी, जनप्रतिनिधियों को ग्रामीणों के मध्य कोदो, कुटकी की फसल लेने के लिए प्रोत्साहित करने कहा। इसके साथ ही छिन्दगढ़ ब्लॉक में सरपंच, सचिव, जनपद सदस्य की बैठक लेकर रागी की फसल लगाने हेतु कृषकों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। पशुपालन विभाग अन्तर्गत व्यक्ति मूलक योजनाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि पशु वितरण योजना का असल लाभ का आकलन करने के लिए इसकी मानीटरिंग भी आवश्यक है। उन्होंने कुपोषण को मात देने के लिए आंगनबाड़ी में अंडा प्रदान किए जाने पर जोर देते हुए कहा कि जिले में अंडा उत्पादन के लिए बड़ी योजना स्थापित करें। इसके साथ ही पशु पालन विभाग के अधिकारियों को पशु रोग के प्रति सतर्क एवं सजग रहने केनिर्देश दिये।

डीएमएफ अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की समीक्षा

बैठक में उद्योग मंत्री लखमा ने गत वर्ष में डीएमएफ अंतर्गत स्वीकृत कार्यों का संज्ञान लिया। कलेक्टर ने बताया कि पिछले वर्षों में स्वीकृत कार्यों में अधिकतर पूर्ण कर लिए गए हैं, शेष प्रगतिरत है। जिन्हें जल्द ही पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके साथ ही वर्ष 2022-23 में कार्य हेतु डीएमएफ से स्वीकृति के लिए प्रस्ताव तैयार करने पर चर्चा हुई।

Posted By: Nai Dunia News Network

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