कूकानार। नईदुनिया न्यूज

सुकमा जिले के विखं छिंदगढ़ के ग्राम पंचायत कूकानार में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालय निर्माण में लापरवाही का मामला प्रकाश में आया है। नियम विरुद्ध चौदहवें वित्त आयोग योजना की लाखों रुपये का शौचालय निर्माण के नाम पर आहरण किया गया बावजूद इसके शौचालय आज भी आधे-अधूरे हैं और महिलाएं शौच के लिए बाहर जाने को मजबूर हैं। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत छत्तीसगढ़ शासन ने वर्ष 2016-17 में कूकानार में शासन ने 478 शौचालय की स्वीकृति प्रदान की। वित्तीय वर्ष 2016 से 2019 तक शासन के द्वारा ग्राम पंचायत के खाते में 478 शौचालय के निर्माण की सम्पूर्ण राशि 57 लाख 36 हजार रुपये डाल दिया गया। इससे पूर्व भी चौदहवें वित्त आयोग से शौचालय निर्माण के लिए करीब 5 लाख रुपये का आहरण किया गया। इस राशि का न तो स्वच्छ भारत मिशन के तहत राशि मिलने से समायोजन किया गया और न ही शौचालयों का निर्माण पूरा किया गया।

पंचायत के सचिव बलिराम से इस सम्बंध में्र जानकारी मांगने पर उन्होंने बताया कि ग्रापं के खाते में अभी लगभग डेढ़ लाख रु शेष बचे है जिनसे अपूर्ण शौचालय को पूर्ण करवा लिया जाएगा। सचिव बलिराम का कहना है कि पूर्व में यह पंचायत बस्तर जिले के अंतर्गत आता था, स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत स्वीकृत शौचालय निर्माण हेतु्र प्रारम्भ में राशि का अभाव होने के कारण जनपद दरभा के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी के दिशा निर्देश में चौदहवें वित्त आयोग की राशि का उपयोग शौचालय निर्माण हेतु करने को कहा गया था परंतु शौचालय निर्माण के बाद सम्पूर्ण राशि प्राप्त होने के बाद उस राशि से चौदहवें वित्त आयोग से उपयोग की जाने वाली राशि को उसमें समायोजन करना था।

क्या कहते हैं ग्रामीण

कूकानार के नयागुड़ा के पंच संजय व ग्रामीण सुकरा, बालसिंग नाग, नरेंद्र, लक्ष्मन, लैखन, शंकर, मंगड़ू, सीताराम ने बताया कि हमारे गांव में लगभग 70-75 शौचालय की स्वीकृति मिली थी परन्तु दो-तीन को छोड़ दिया जावे तो बाकी सारे अपूर्ण है। जगह-जगह रिंग, ढक्कन पड़े मिल जाएंगे। अधिकांश शौचालयों में गड्ढे तक नही खोदे गए हैं। शौचालय के अभाव में खुले में शौच जाना पड़ता है, कभी कभी विपरीत परिस्थितियों का सामना होने के कारण बेहद शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है।

Posted By: Nai Dunia News Network