सुकमा (नईदुनिया न्यूज)। तेज हवा व बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। ओला ने केले की फसल बर्बाद कर दी।

सुकमा जिले में करीब 400 एकड़ क्षेत्र में केले की फसल होती है। जिला मुख्यालय के पावारास, कुम्हाररास व आसपास के इलाके में किसानों ने बड़े पैमाने पर केले की खेती की है। सबसे ज्यादा केला उत्पादक किसान सुकमा मुख्यालय में हैं।

रविवार शाम तेज अंधड़ के साथ हुई ओलावृष्टि ने केला उत्पादकों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। केला उत्पादक किसान शेख औलिया समेत अन्य बताते हैं कि अंधड़ ने उनकी सारी मेहनत पर पानी फिर गया है। इससे केले की फसल को काफी नुकसान हुआ है। कई किसानों ने बैंकों से लोन लिया है। किसानों के अनुसार गत वर्ष कोरोना के चलते केले की फसल में नुकसान झेलना पड़ा था। इस वर्ष उन्हें फसल से काफी उम्मीद थी लेकिन अंधड़ ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। किसानों ने बताया कि उनकी आय का मुख्य साधन यही है। एक एकड़ में 750 केले के पौधे लगते हैं। एक पौधे में 250 रुपये तक के केले की फसल होती है। 10 महीने में फसल ली जाती है। नुकसान होने पर बीमा कंपनी अधिकतम 20 फीसद की ही भरपाई करते हैं।

कई पौधे उखड़ गए

उल्लेखनीय है कि तेज हवा और बारिश की वजह से किसानों द्वारा लगाए गए कई केले के पौधे उखड़ गए हैं, जिससे उन्हें भारी नुकसान होने की आशंका है। वहीं, अब उनके सामने इसकी भरपाई चिंता आ गई है कि कैसे इस फसल में अपनी लागत को निकाला जाए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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