सुकमा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोंटा सीमा पर पिछले दस दिनों से एनएच 30 जाम है और सड़क पर करीब 300 मीटर तक पानी फैला हुआ है जिसके कारण सैकड़ों ट्रके फंसी हुई है। चालकों के पास खाने को पैसा नहीं है और मानवता के नाते कुछ समाज सेवी उन्हे खाना दे रहे है। लेकिन वहां पर आरटीओ चेक-पोस्ट में बैठे कर्मचारी अवैध वसूली करने में लगे हुए है। जिसके कारण वाहन चालक और परेशान है।

कोंटा तीन राज्यों से लगा हुआ है जिसमें ओड़िशा, आन्ध्र प्रदेश व तेलंगाना होने व दक्षिण भारत को जोड़ने वाली एनएच 30 होने के कारण हर दिन सैकड़ों वाहनाें की आवाजाही रहती है। लेकिन पिछले 10 दिनों से कोंटा के समीप वीरापुरम के पास करीब 300 मीटर तक सड़क पर नदी का पानी है, जिसके कारण सैकड़ों ट्रकें जाम में फंसी हुई है।

कोंटा में ना तो एटीएम है और ना ही अन्य सुविधा जिसके कारण चालकों के सामने खाने-पीने का संकट पैदा हो गया है। हालांकि वहा पर कुछ समाज सेवी उन्हे सुबह व शाम को खाना दे रहे है। एनएच 30 खुलने में और वक्त लग सकता है क्योंकि गोदावरी का जैसे-जैसे जलस्तर बढ़ रहा है, ठीक वैसे-वैसे यहां भी पानी का स्तर बढ़ रहा है।

चेक-पोस्ट पर अवैध वसूली से चालक परेशान

कुछ वाहन चालकों ने बताया कि पिछले 10 दिनों से यहां फसे हुए है। जिसके कारण उन्हे कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खाने के लिए पैसे नहीं है उसके बाद भी आरटीओ चेक-पोस्ट में बैठे लोग अवैध वसूली कर रहे है। बाकी दिनों में हम लोग पैसा देते है, लेकिन ऐसे समय में भी वो पैसा वसूल रहे है। हर वाहन से चार-पांच सौ वसूली कर रहे है। जिसके कारण उन्हे काफी परेशानी हो रही है।

नहीं कर रहे हैं वसूली: आरटीओ

कोंटा के आरटीओ चेक-पोस्ट प्रभारी जस्टिन मिंज ने इन आरोपों को गलत ठहराया है। उन्होंने कहा कि हमारे द्वारा किसी भी प्रकार की वसूली नहीं की जा रही है। सभी चालक झूठ बोल रहे है।

Posted By: Pramod Sahu

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