सूरजपुर/अंबिकापुर । नईदुनिया प्रतिनिधि

सूरजपुर जिले की दो बहनों को बेहतर काम और ऊंची पगार का लालच देकर दिल्ली ले जा बेच देने के सनसनीखेज मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बंधक बनाई गईं दोनों बहनों को पुलिस ने भारत-पाक सीमा के श्रीगंगानगर से मुक्त कराया है। बाल कल्याण समिति के आदेश के अनुरूप दोनों बहनों को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। मामले में दो आरोपित गिरफ्तार किए गए हैं। तीसरा आरोपित मध्यप्रदेश के मंडला जेल में निरुद्घ है।

सूरजपुर सीएसपी डीके सिंह ने बताया कि कोतवाली पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर तीन लोगों के विरुद्ध मानव तस्करी का अपराध पंजीबद्ध कर टीम बनाई थी और सूचना संकलन कर बहनों को मुक्त कराने टीम रवाना की थी। उन्होंने बताया कि सूरजपुर से लगे ग्राम चंद्रपुर में किराए के मकान में रहने वाली तीन बहनों और एक युवक को झांसा देकर दिल्ली ले जाया गया और दिल्ली में दो बहनों को बंधक बना प्रताड़ित करने की बात सामने आई थी। उन्होंने बताया कि प्रेमनगर के कंचनपुर ग्राम निवासी रामेश्वरी कुजूर पिता गोरेलाल कुजूर 20 वर्ष दो बहनों सोनिया 18 वर्ष व 17 वर्षीय बहन के साथ सूरजपुर से लगे चंद्रपुर में किराए का मकान लेकर रहती थी। साथ में उनका एक परिचित शैलेंद्र टोप्पो भी यहां रहता था। विगत 1 फरवरी को इनका संपर्क ग्राम पलढ़ा प्रतापपुर निवासी रामसेवक टोप्पो से हुआ और काम दिलाने के नाम पर झांसा देकर रामेश्वरी, सोनिया व नाबालिग बहन के साथ शैलेंद्र को दिल्ली ले गया। यहां अशोक व नान्हू नामक व्यक्ति के घर रखा गया था। रामेश्वरी की तबीयत खराब होने पर वह शैलेंद्र के साथ वापस आ गई थी। लौटते वक्त वह बहनों को भी वापस लाना चाहती थी, लेकिन रामसेवक, नान्हू कुमार व अशोक के द्वारा ले जाने से मना कर दिया गया। कुछ दिन बाद 17 वर्षीय बहन का फोन आया कि उन्हें बंधक बना लिया गया है और प्रताड़ित करते हैं, वापस घर नहीं आने दे रहे हैं। इस बात की शिकायत उन्होंने ग्राम पलढ़ा निवासी रामसेवक से की तो रामसेवक ने इन्हें दुत्कार कर भगा दिया। रामसेवक टोप्पो से फोन से संपर्क करने के बावजूद बहनों को वह वापस भेजने पहल नहीं किया। थक हार कर परिजनों ने सूरजपुर कोतवाली में लिखित शिकायत की थी। जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने प्रतापपुर निवासी रामसेवक और नई दिल्ली निवासी अशोक कुमार और नान्हू के विरुद्ध धारा 365, 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया था।

ऐसे की गई कार्रवाई

सीएसपी डीके सिंह ने बताया कि अपराध पंजीबद्ध करने के बाद पुलिस अधीक्षक जीएस जायसवाल ने कोतवाली टीआइ उमाशंकर सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की और एसआइ रश्मि सिंह के नेतृत्व में टीम को पहले दिल्ली रवाना किया गया। प्रार्थिया से आरोपितों की जानकारी हासिल कर नए तकनीक की मदद ली गई। दिल्ली के नेबसराय से रामसेवक टोप्पो को हिरासत में लेकर पूछताछ की और भारत पाक सीमा स्थित श्रीगंगानगर राजस्थान में होने की जानकारी मिलने पर टीम वहां पहुंची और लोकेशन लेकर नान्हू के ठिकाने पर दबिश दी। उसकी निशानदेही पर दोनों बहनों को बरामद किया गया और सूरजपुर लाकर परिजनों को सौंप दिया गया है।

जीजा के कहने पर ले गया श्रीगंगानगर

सीएसपी ने बताया कि आरोपित दिल्ली निवासी नान्हू कुमार का जीजा अशोक कुमार केंवट भी इस मामले में शामिल है। उसी के कहने पर नान्हू कुमार द्वारा सोनिया व 17 वर्षीय नाबालिग को श्रीगंगानगर राजस्थान ले जाया गया है। हिरासत में लिए गए आरोपित रामसेवक टोप्पो को पुलिस टीम अपने साथ लेकर भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित श्रीगंगानगर राजस्थान से दोनों बहनों को आरोपित नान्हू कुमार के कब्जे से बरामद कर लिया। नान्हू कुमार से पूछताछ पर बताया कि वह दोनों बहनों को कई स्थानों पर ले जाकर काम करवाता था और अपने साथ ही रखता था।

आरोपितों में से एक मंडला जेल में निरुद्ध

पुलिस ने बताया कि इस मामले में रामसेवक टोप्पो पिता रघुनाथ टोप्पो 23 वर्ष निवासी पलड़ा प्रतापपुर और नान्हू कुमार पिता चौधरी कंवर 22 वर्ष निवासी सोहरपाथ नेतरहार, लातेहार झारखंड को अपराध सबूत पाए जाने पर विधिवत गिरफ्तार किया गया है वहीं एक आरोपित अशोक कुमार केवट पिता चलितर मुखिया 38 वर्ष निवासी नई दिल्ली वर्तमान में छेड़छाड़ और अपहरण के मामले में मंडला जेल में निरुद्ध है। स्थानीय न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त कर उसकी गिरफ्तारी जल्दी ही की जाएगी। आरोपित अशोक कुमार गिरफ्तार आरोपित नान्हू कुमार का जीजा है।

पुलिस टीम में ये रहे शामिल

सूरजपुर नगर पुलिस अधीक्षक डीके सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक जीएस जायसवाल के मार्गदर्शन में दोनों बंधक बनाई गई बहनों को बरामद करने हेतु व्यापक रणनीति बनाई गई थी। इस संपूर्ण कार्रवाई में सूरजपुर टीआइ उमाशंकर सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक रश्मि सिंह, सहायक उपनिरीक्षक कमल दास बनर्जी, आरक्षक लक्ष्मीनारायण मिरे, भिमेश आर्मो, साइबर सेल के युवराज सिंह और महिला आरक्षक बालकुमारी मिंज ने सक्रिय भूमिका निभाई।

Posted By: Nai Dunia News Network

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